हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर साहित्य और पत्रकारिता का संगम, ग्रेटर नोएडा में सजी भव्य काव्य संध्या
टेन न्यूज नेटवर्क
Greater Noida News (16/09/2026): हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर ग्रेटर नोएडा स्थित पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में साहित्य, पत्रकारिता और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के तत्वावधान में पत्रकार संगोष्ठी और भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में रह रहे साहित्यकारों, कवियों और पत्रकारों ने भी प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत लोकप्रिय कवयित्री मधु मिश्रा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रज्ञान आंदोलन के संपादक पंडित सुरेश नीरव ने की। आयोजन के दौरान हिंदी भाषा, साहित्य और पत्रकारिता की वर्तमान भूमिका, बदलते मीडिया परिदृश्य तथा समाज में साहित्य की उपयोगिता पर गंभीर चर्चा हुई।
साहित्य और पत्रकारिता एक-दूसरे के पूरक : सुरेश नीरव
अध्यक्षीय संबोधन में पंडित सुरेश नीरव ने साहित्य और हिंदी पत्रकारिता के पारस्परिक संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साहित्य और पत्रकारिता को समाज के दो महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति माध्यमों के रूप में देखा जा सकता है। साहित्य जहां मानवीय संवेदनाओं, जीवन-मूल्यों और समाज के स्थायी सत्य को अभिव्यक्ति देता है, वहीं पत्रकारिता वर्तमान घटनाओं, सामाजिक परिस्थितियों और जनसरोकारों को तत्काल समाज के सामने रखने का कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया के साथ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के तेजी से विस्तार ने पत्रकारिता की पहुंच को व्यापक बनाया है। हालांकि, इसके साथ पत्रकारिता के सामने विश्वसनीयता, तथ्यपरकता, निष्पक्षता और व्यावसायिक दबाव जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं।
पंडित सुरेश नीरव ने पत्रकारों से सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी को पत्रकारिता के मूल आधार के रूप में बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साहित्य पत्रकारिता को संवेदनशील दृष्टि प्रदान करता है, जबकि पत्रकारिता साहित्य के विचारों और सामाजिक संदेश को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनती है। दोनों के बीच बेहतर समन्वय समाज में जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बदलते मीडिया दौर में विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती
कार्यक्रम में प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र हिंद आत्मा के संपादक एवं प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की कार्यकारिणी के सदस्य अशोक कौशिक ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने वर्तमान समय में हिंदी पत्रकारिता के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि पत्रकारिता का मूल दायित्व समाज तक सूचनाओं और घटनाओं को सत्य, प्रभावी तथा जिम्मेदार तरीके से पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में समाचारों की गति पहले की तुलना में काफी तेज हुई है, लेकिन तेज सूचना प्रसार के बीच तथ्य-सत्यापन की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो गई है। पत्रकारों को त्वरित समाचार देने के साथ-साथ निष्पक्षता, तथ्यों की जांच और पाठकों के विश्वास को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कवि सम्मेलन में हिंदी प्रेम और भारतीय संस्कृति की झलक
पत्रकार संगोष्ठी के बाद कार्यक्रम का दूसरा चरण भव्य कवि सम्मेलन के रूप में आयोजित किया गया। देश-विदेश से जुड़े कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, सम्मान और गौरव की भावना को अभिव्यक्त किया।
कवयित्री रचना दीक्षित ने अपनी सरस और प्रभावशाली कविताओं से उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कवि सम्मेलन में हिंदी की महत्ता, मातृभाषा का गौरव, भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, विज्ञान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत की गईं।
आयोजन में राजपाल यादव ‘राज’, उपमा गुप्ता, महेश अद्याना ‘मधुर’, प्रमिला भारद्वाज व्यास, प्रतीक्षा तिवारी, आर. एन. सिंह, के. पी. चौहान, भूदत्त शर्मा, अलका शर्मा, उमानाथ त्रिपाठी, गीता रस्तोगी, डॉ. प्रेमलता नीलम, डॉ. राधा बिष्ट, डॉ. भगवत प्रसाद शर्मा, डॉ. रवींद्र कीर्ति, डॉ. सुनीति रावत, डॉ. एन. झा, मृत्युंजय दीक्षित, रूपचंद्र झा ‘मयंक’, बोधिसत्व गौतम, दया सिन्हा, विमल बहुगुणा, यज्ञपाल सिंह ‘यश’, डॉ. श्रद्धानंद झा, नीलम पाठक, गिरिजा कुलश्रेष्ठ, ऋषि सिन्हा, अजय शर्मा, दीपशिखा रावल और डॉ. नरेंद्र प्रसाद ‘प्राची’ सहित अनेक साहित्यकारों एवं कवियों ने सहभागिता की।
विदेशों से भी जुड़े साहित्यकार
इस आयोजन की विशेषता यह रही कि विदेशों में रह रहे प्रवासी साहित्यकारों ने भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी भागीदारी दर्ज कराई। अमेरिका, चीन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कुवैत और सऊदी अरब से जुड़े साहित्यकार एवं रचनाकार कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े।
अमेरिका से सुभाष चंद्र लखेड़ा और आनंद कुमार वर्मा, चीन से सुनीता चौहान और चिन्मय चतुर्वेदी, स्विट्जरलैंड से शाश्वती दीक्षित, जर्मनी से शरद गुप्ता और प्रकाश स्वरूप, कुवैत से संगीता चंद्र गुप्ता और उमेश चंद गैरोला तथा सऊदी अरब से डॉ. अजीत वर्मा, सुनीता माहेश्वरी, सुरेंद्र कुमार सैनी, अमीना खातून और अब्बास हैदर समेत अनेक रचनाकारों ने ऑनलाइन सहभागिता की।
आयोजन में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, साहित्य की सामाजिक भूमिका और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर संवाद के साथ-साथ देश-विदेश के साहित्यकारों को एक साझा मंच मिला। कार्यक्रम ने हिंदी साहित्य, पत्रकारिता और वैश्विक सांस्कृतिक संवाद को एक साथ जोड़ते हुए हिंदी दिवस की पूर्व संध्या को साहित्यिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष बना दिया।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
टिप्पणियाँ बंद हैं।