पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत का हर मुसलमान तैयार: AIMIM नेता का बयान

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (08 मई 2025): 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। निहत्थे और निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या के बाद देश भर में गुस्से की लहर दौड़ गई है। इस हमले की जिम्मेदारी भले ही पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों पर है, लेकिन इस बार भारत ने भी चुप्पी नहीं साधी। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के जरिए भारतीय सेना ने न सिर्फ सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक और घातक हमले किए, बल्कि यह भी जता दिया कि भारत अब हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई का बयान सुर्खियों में है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छेड़ दी है।
शोएब जमई ने पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “अगर भारत के मुसलमानों को सिर्फ 15 मिनट के लिए सत्ता दे दी जाए, तो हम पाकिस्तान को बता देंगे कि उसे कैसे नेस्तनाबूद किया जाता है।” उनका यह बयान पाकिस्तान और उसके आतंकी नेटवर्क के खिलाफ गुस्से की एक गूंज बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के मुसलमानों ने ‘टू नेशन थ्योरी’ को खारिज किया था और देश की तरक्की में अपनी अहम भूमिका निभाई है। यह टिप्पणी उन सभी संदेहों और आरोपों को जवाब देने के रूप में सामने आई है जो अक्सर मुसलमानों की देशभक्ति पर उठाए जाते हैं।
अपने बयान में जमई ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा, “जो कल डेढ़ बजे हुआ, वह इतिहास में दर्ज होगा। पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ढांचे और उनके ट्रेनिंग कैंपों को खत्म करना जरूरी था। जो भी ताकतें हमारी सीमाओं के पार से भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगी, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत का मुसलमान जब देश की आन-बान-शान की बात आती है, तो सर्वोच्च बलिदान देने को तैयार रहता है। जमई ने इस हमले को सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि पूरे देश को दी गई चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि यह साजिश हिंदू-मुस्लिम नफरत फैलाने की थी, जिसमें आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों की हत्या की। “अब पाकिस्तान खुद से पूछे कि मसूद अजहर के रिश्तेदारों का क्या धर्म था? क्या उन्हें भी धर्म पूछकर मारा गया?” उनके इस तीखे सवाल ने आतंकवाद की असली मंशा को उजागर कर दिया है।

वहीं, एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद, भारत जिंदाबाद’ के नारों के साथ उनका एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। ओवैसी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया और लिखा, “मैं हमारी रक्षा सेनाओं द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर किए गए लक्षित हमलों का स्वागत करता हूं। पाकिस्तानी डीप स्टेट को ऐसी सख्त सीख दी जानी चाहिए कि फिर कभी दूसरा पहलगाम न हो। पाकिस्तान के आतंक ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर देना चाहिए। जय हिंद!” भारत के मुसलमान नेताओं के इन बयानों ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि जब बात देश की सुरक्षा और स्वाभिमान की होती है, तो धर्म नहीं, बल्कि राष्ट्र सबसे ऊपर होता है। पहलगाम की शहादत को भुलाया नहीं जाएगा, और यह संदेश अब साफ है भारत अब चुप नहीं बैठेगा।।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन नई दिल्ली, दिल्ली सरकार, दिल्ली राजनीति, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : हिंदी न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टिप्पणियाँ बंद हैं।