सीजेपी आंदोलन के बाद जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन की तैयारी, किसने मांगी इजाजत

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (28 July 2026): करीब एक महीने तक चले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के समाप्त होने के बाद राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर प्रदर्शन का केंद्र बन सकता है। इस बार प्रदर्शन की तैयारी किसी छात्र संगठन ने नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त दिल्ली पुलिस अधिकारियों के संगठन दिल्ली पुलिस महासंघ ने की है। संगठन ने 31 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना आयोजित करने के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी है। संगठन का कहना है कि इस धरने का उद्देश्य संसद मार्च के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाना और उनके प्रति एकजुटता दिखाना है।

दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को भेजे गए पत्र में महासंघ ने सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक धरना आयोजित करने की अनुमति मांगी है। संगठन का कहना है कि संसद मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में जवान घायल हुए। महासंघ ने मांग की है कि हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने के आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद मार्च के दौरान 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जबकि 65 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आई थीं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान 15 से अधिक पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस का यह भी कहना है कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के बीच कुछ असामाजिक तत्व घुस आए थे, जिन्होंने हिंसा भड़काई और सुरक्षाबलों पर हमला किया। दूसरी ओर, प्रदर्शन से जुड़े पक्ष लगातार यह कहते रहे हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और हिंसा करने वाले लोगों में अंतर किया जाना चाहिए।

दिल्ली पुलिस महासंघ के अध्यक्ष और पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त वेद भूषण ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित धरना छात्रों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि जो छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पर पथराव करने, सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हिंसा से जुड़े हजारों संदिग्ध लोगों की पहचान की गई है, जिनकी जांच की जा रही है।

महासंघ ने पुलिस प्रशासन को आश्वासन दिया है कि प्रस्तावित धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। प्रदर्शन केवल जंतर-मंतर के निर्धारित क्षेत्र तक सीमित रहेगा और संसद, सेंट्रल विस्टा या अन्य संवेदनशील इलाकों की ओर कोई मार्च नहीं निकाला जाएगा। आयोजकों ने यह भी कहा है कि धरना स्थल पर किसी प्रकार के अस्थायी ढांचे, हथियार या ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी, जिससे आम लोगों की आवाजाही या यातायात प्रभावित हो।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं। अदालत ने कहा कि आंदोलनों से निपटने के लिए पुलिस को नए प्रोटोकॉल की आवश्यकता है और हिंसा या कथित अत्याचार के सभी आरोपों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पक्ष ने कानून अपने हाथ में लिया है, तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। ऐसे में अब 31 जुलाई को प्रस्तावित धरने और उससे पहले दिल्ली पुलिस के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।