भारत को रेशम उत्पादन में दुनिया में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य, 2028-29 तक हासिल करने का संकल्प
टेन न्यूज़ नेटवर्क
National News (20 September 2026): केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार भारत को रेशम उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया का नंबर-1 देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बेंगलुरु के यूएएस-जीकेवीके सभागार में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस और रेशम उत्पादों एवं प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि देश का रेशम उत्पादन 2014 में 26 हजार मीट्रिक टन था, जो अब बढ़कर 42 हजार मीट्रिक टन हो गया है। सरकार ने 2030-31 तक इसे 60 हजार मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जबकि 2028-29 तक भारत को वैश्विक स्तर पर रेशम उत्पादन में पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया गया है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि रेशम उत्पादन क्षेत्र के विस्तार के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने शहतूत के पत्तों की पैदावार बढ़ाने और रेशम के कीड़ों के पालन-पोषण के चक्र बढ़ाने पर जोर दिया। इसके जरिए किसानों की वार्षिक आय को 10 लाख से 12 लाख रुपये तक बढ़ाने की आकांक्षा जताई गई है। केंद्रीय मंत्री ने रेशम उत्पादक किसानों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्वश्रेष्ठ रेशम किसान’ पुरस्कार प्रतियोगिताएं आयोजित करने का आह्वान भी किया।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिकों के नए आविष्कार, संकर किस्में और आधुनिक मशीनरी का लाभ सीधे रेशम किसानों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन के रेशम उत्पादन में गिरावट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रेशम की मांग बढ़ रही है। सरकार का जोर रेशम उत्पादन से लेकर कताई और बुनाई तक पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर है। इसके साथ ही देश के वस्त्र बाजार को 300 अरब डॉलर तक ले जाने और बुनकरों तथा श्रमिक वर्ग के लिए न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि कर्नाटक देश के कुल रेशम उत्पादन में अग्रणी स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। आधुनिक तकनीकों और उच्च उत्पादन वाली विधियों को अपनाकर वैश्विक निर्यात मानकों के अनुरूप रेशम उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में उद्यमी एमएसएमई ढांचे के तहत पंजीकरण करा रहे हैं और सरकार अनुदान तथा गुणवत्ता सुधार योजनाओं के जरिए उन्हें सहयोग दे रही है।
वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव पद्मिनी सिंगला ने रेशम उत्पादन क्षेत्र की रणनीतिक प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि 2030-31 तक 60 हजार मीट्रिक टन रेशम उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे हासिल करने के लिए अधिक उपज देने वाली रेशमकीटों की संकर प्रजातियों और आधुनिक मशीनों को अपनाया जा रहा है। साथ ही गुणवत्ता जांच और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीआईएस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों को भी एकीकृत किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य स्थानीय उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और रेशम उत्पादन तथा वस्त्र उद्योग में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रेशम बोर्ड की ओर से विभिन्न संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इसके अलावा 28 वैज्ञानिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए और उत्कृष्ट कर्मचारियों तथा हितधारकों को पुरस्कार प्रदान किए गए। बोर्ड के विभिन्न प्रकाशनों और पत्रिकाओं का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में सांसद और सीएसबी बोर्ड के सदस्य जी. लक्ष्मीनारायण, सीएसबी की उपाध्यक्ष पद्मिनी सिंगला, बोर्ड के सदस्य सचिव पी. शिवकुमार, कर्नाटक सरकार के बागवानी और रेशम उत्पादन विभाग के सचिव गिरीश आर. समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के रेशम उत्पादक और बुनकर भी शामिल हुए।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
टिप्पणियाँ बंद हैं।