सुपरटेक ट्विन टावर मामला फिर गरमाया, 35 आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी तेज

टेन न्यूज नेटवर्क

Noida News (15/02/2026): नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावर (Supertech Twin Tower) प्रकरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शासन के निर्देश पर लखनऊ विजिलेंस द्वारा की जा रही जांच अब अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में कुल 35 आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। विजिलेंस ने दोबारा नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) से संपर्क कर वर्ष 2021 से जुड़ी विभागीय जांच से संबंधित अहम जानकारियां मांगी हैं।

सूत्रों के अनुसार, लखनऊ विजिलेंस ने नोएडा प्राधिकरण से यह स्पष्ट करने को कहा है कि सुपरटेक बिल्डिंग से जुड़े मामलों में किन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई थी और किन मामलों में जांच पूरी कर उसे समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन बिंदुओं का सीधा संबंध आगे की कार्रवाई से माना जा रहा है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 31 अगस्त 2021 को ट्विन टावर को गिराने का आदेश देने के साथ-साथ इसके निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश सरकार ने 4 अक्टूबर 2021 को इस प्रकरण की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।

SIT की रिपोर्ट में टावर निर्माण में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही की बात सामने आई थी। रिपोर्ट में 26 सरकारी अधिकारियों के अलावा सुपरटेक समूह के चार निदेशकों और दो आर्किटेक्ट कंपनियों को दोषी ठहराया गया था। इसी आधार पर नोएडा प्राधिकरण के नियोजन विभाग के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक वैभव गुप्ता की शिकायत पर लखनऊ विजिलेंस में 30 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

इस मामले की जांच नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों द्वारा पूरी कर 23 मार्च 2023 को शासन को सौंप दी गई थी। हाल ही में 3 फरवरी को लखनऊ से आई विजिलेंस टीम ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय का दौरा किया था और ट्विन टावर ध्वस्तीकरण से जुड़े कई अहम दस्तावेज तलब किए थे। इनमें कार्यवृत योजना और प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत रिकॉर्ड शामिल थे।

अब विजिलेंस ने दो महत्वपूर्ण सवालों पर फिर से जवाब मांगा है—किन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हुई और किन मामलों में जांच पूरी कर समाप्त कर दी गई। इसके साथ ही सभी संबंधित फाइलों की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई हैं।

बताया जा रहा है कि शासन को पहले भेजी गई 11 अधिकारियों और कर्मचारियों की रिपोर्ट को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मंगवाकर नए सिरे से सत्यापन कराया जा रहा है। इसके बाद विजिलेंस के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस सूची में नियोजन विभाग के तत्कालीन प्रबंधक मुकेश गोयल, वरिष्ठ प्रबंधक ऋतुराज व्यास, सहायक नगर नियोजक विमला और ए.के. मिश्रा, सहायक वास्तुविद प्रवीण श्रीवास्तव, प्लानिंग असिस्टेंट अनीता, विधि सलाहकार राजेश कुमार, विधि अधिकारी ज्ञान सिंह, परियोजना अभियंता एस.सी. त्यागी और बाबूराम सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। प्रकरण में तेजी से हो रही गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि लंबे समय से लंबित इस मामले में अब जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा सकते हैं।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।