नोएडा, (04 जुलाई 2025): नोएडा में एक बुज़ुर्ग महिला के साथ हुई करोड़ों की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है। खुद को CBI और पुलिस अधिकारी बताकर महिला को “डिजिटल अरेस्ट” में डालने वाले तीन शातिर ठगों को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने महिला को डराकर ₹3.29 करोड़ की भारी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली थी।
साइबर पुलिस के मुताबिक, महिला को उनके लैंडलाइन नंबर पर फोन आया। फोन पर मौजूद व्यक्ति ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों — जैसे जुए, हथियारों की खरीद और मनी लॉन्ड्रिंग — में हुआ है। इसके बाद स्काइप वीडियो कॉल पर महिला को फर्जी सुप्रीम कोर्ट का आदेश, एफआईआर और सुनवाई दिखाकर मानसिक दबाव में ले लिया गया।
भयभीत महिला से कहा गया कि अगर वह निर्देशों का पालन नहीं करेंगी तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसी दबाव में महिला ने ₹3.29 करोड़ रुपये धीरे-धीरे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
जैसे ही शिकायत साइबर थाने तक पहुँची, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की। जांच के बाद दिल्ली और नोएडा में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों के नाम हैं — दुपिन्दर सिंह उर्फ गिन्नी, विनय समानिया, और मंदीप सिंह। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन आरोपियों ने अपने बैंक खातों के ज़रिए लाखों रुपये ठगी के पैसों के रूप में ट्रांसफर करवाए थे। पुलिस ने ठगी से जुड़ी ₹17 लाख की राशि को फ्रीज़ भी कर दिया है।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि डिजिटल अरेस्ट, वीडियो कॉल पर कोर्ट सुनवाई, और सरकारी अधिकारी बनकर धमकाने वाले कॉल्स — सब फर्जी होते हैं। आम जनता को चाहिए कि ऐसे किसी भी कॉल पर विश्वास न करें और तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
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