नोएडा (11 जून 2025): नोएडा पुलिस ने एक मिसाल पेश करते हुए 10 वर्ष पूर्व लापता हुए एक मासूम बालक को हरियाणा पुलिस की मदद से सकुशल बरामद कर लिया है। वर्ष 2015 में गेझा गांव से लापता हुआ यह बच्चा अब अपने परिजनों की गोद में है, और पुलिस की संवेदनशीलता व सतर्कता की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। डीसीपी सेंट्रल नोएडा द्वारा बरामदगी में शामिल टीम को 25,000 हजार का इनाम दिया।
10 साल पहले हुआ था लापता
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि 6 नवंबर 2015 को करीब 7 वर्षीय एक बालक खेलते समय गायब हो गया था। 8 नवंबर को परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर थाना फेस-2 में धारा 363 भा.द.वि के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। वर्षों तक प्रयास के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो 2022 में विवेचना के आधार पर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई थी।
हरियाणा से सकुशल किया बरामद
आगे डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने बताया कि 28 मई 2025 को थाना सूरजकुंड, फरीदाबाद में एक बच्चे के अपहरण की एफआईआर दर्ज हुई। 2 जून को पुलिस ने आरोपी मंगल कुमार के कब्जे से एक बालक को बरामद किया। पूछताछ में मंगल कुमार ने बताया कि उसके पास एक और बच्चा वर्षों से रह रहा है, जिसे नोएडा से लाया गया था, लेकिन उसका नाम अब बदल चुका है।
साथ ही डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने बताया कि बदले नाम के चलते बच्चे की गुमशुदगी किसी भी पूर्व रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। थाना फेस-2 पुलिस ने बच्चे को बुलाकर संवेदनशीलता के साथ बातचीत की। बच्चे की पहचान सुनिश्चित करने के लिए 10 वर्षों के गुमशुदगी रजिस्टर, याददाश्त रजिस्टर और अपराध रजिस्टर का 6 घंटे तक गहन अध्ययन किया गया। अंततः पुलिस को यह तथ्य ज्ञात हुआ कि यह वही बच्चा है जिसकी लापता होने की रिपोर्ट 10 साल पहले थाना फेस-2 में दर्ज की गई थी।
बच्चों से मिल भावुक हुए परिजन
बच्चे को अपने माता-पिता के नाम तो याद थे, लेकिन पता नहीं था। एफआईआर में दर्ज मोबाइल नंबर से संपर्क कर पहले नोएडा और अब आगरा में रह रहे उनके एक पुराने मित्र के माध्यम से माता-पिता को जानकारी दी गई। पहचान के लिए माता-पिता ने बताया कि उनके बेटे की दाहिने हाथ की एक उंगली कटी हुई थी और बाईं आंख के नीचे चोट का निशान था, जो बरामद बच्चे में पाया गया। पुष्टि होते ही उनका परिवार नोएडा पहुंचा और भावुक मिलन हुआ। बच्चे ने भी अपने बड़े भाई को तुरंत पहचान लिया।
आगे की प्रक्रिया
बच्चे को अब बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर डीएनए मिलान की कार्रवाई भी की जाएगी ताकि पहचान की कानूनी पुष्टि हो सके।
पुलिस टीम को सम्मान
इस असाधारण मानवीय सफलता पर डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी द्वारा बरामदगी में शामिल टीम को ₹25,000 का इनाम दिया गया है।।
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