नोएडा (01 जून 2025): गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की फेस-2 थाना पुलिस ने शनिवार को एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोगों की प्रॉपर्टी पर फर्जी रजिस्ट्री के जरिए कब्जा कर लेता था। इस मामले में पुलिस ने 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन की मुलाकात गाजियाबाद जेल में सजा काटने के दौरान हुई थी।
गिरफ्तार अभियुक्तों में शिवा उर्फ शिबू (ग्राम दुजाना), दिनेश (मोदीनगर), ज्ञानेन्द्र उर्फ ज्ञानी (ग्राम रोरी) और राजवीर (सलारपुर) शामिल हैं। ये गिरोह सुनसान या खाली पड़े मकानों को चिन्हित करता था और फिर फर्जी कागजात बनाकर किसी व्यक्ति के नाम मकान की रजिस्ट्री करवा देता था।
कहानी की परतें: जेल में बना प्लान, बाहर आकर बना गैंग
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि शिवा, दिनेश और ज्ञानेन्द्र की जान-पहचान गाजियाबाद जेल में हुई थी। सजा पूरी करने के बाद बाहर आकर इन्होंने मिलकर प्रॉपर्टी डीलिंग की आड़ में फर्जीवाड़े की शुरुआत की। गिरोह ने शराबी प्रवृत्ति के राजवीर को अपने साथ जोड़कर सलारपुर खादर, सेक्टर-81 में एक खाली मकान की रजिस्ट्री 22,000 रुपये में करवा दी।
तरीका बेहद शातिराना: फर्जी कागज, सिविल मुकदमा और मजबूर बेचने वाला
गिरोह का तरीका बेहद चालाक था, पहले मकान पर फर्जी दस्तावेज बनाकर कब्जा करते, फिर सिविल विवाद खड़ा कर पीड़ित को थका देते। कई बार लोग मजबूरी में अपना मकान सस्ते दामों पर इन्हें बेच देते थे।
अभियुक्तों पर पहले से हैं कई आपराधिक मामले दर्ज
चारों अभियुक्तों पर पहले भी गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज हैं, हत्या, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, चोरी और धोखाधड़ी जैसे अपराधों में। पुलिस ने सभी के खिलाफ थाना फेस-2 में बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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