दिल्ली में झुग्गीवासियों को मिलेगा पक्का मकान, पुनर्वास नीति 2026 अधिसूचित
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (05 November 2026): दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लाखों लोगों को सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ‘दिल्ली स्लम तथा झुग्गी-झोपड़ी पुनर्स्थापन एवं पुनर्वास नीति 2026’ को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। उपराज्यपाल की ओर से शहरी विकास विभाग के माध्यम से इस नीति को दिल्ली राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह नीति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। सरकार का लक्ष्य झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों को बेहतर आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस नीति को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) अधिनियम, 2010 की धारा 10(1) के तहत अधिसूचित किया गया है। इससे पहले 13 अगस्त को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की 37वीं बैठक में इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया था। इसके बाद 29 सितंबर को दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल ने भी इसे मंजूरी दे दी थी। राजपत्र में प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में वर्तमान में करीब 675 झुग्गी-झोपड़ी बस्तियां मौजूद हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और रोजगार की तलाश में दिल्ली आने वाले लोगों की संख्या के कारण किफायती आवास की मांग लगातार बढ़ी है। इन बस्तियों में रहने वाले परिवार अस्वच्छ वातावरण और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच जीवन गुजार रहे हैं।
पुनर्वास की इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करने के लिए सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने का फैसला किया है। इसके तहत निजी डेवलपर्स के सहयोग से झुग्गी बस्तियों में रहने वाले पात्र परिवारों के लिए बहुमंजिला आवासीय इमारतों का निर्माण कराया जाएगा। सरकार ने परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए हर महीने कम से कम पांच पीपीपी आधारित परियोजनाओं के टेंडर जारी करने का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए पुनर्वास की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही, पहले किन झुग्गी क्लस्टरों का पुनर्वास किया जाएगा, इसकी सूची भी तैयार की जाएगी।
इस नीति की खास बात यह है कि सरकार का उद्देश्य केवल झुग्गीवासियों को मकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर जीवन स्तर देना भी है। पुनर्वास के बाद बनने वाली कॉलोनियों में आधुनिक सरकारी स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र, खेल के मैदान और सामुदायिक पार्क जैसी सुविधाएं अनिवार्य होंगी। इससे लोगों को आवास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। परियोजनाओं में समयबद्ध टेंडर प्रक्रिया और निजी डेवलपर्स की भागीदारी के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने इस नीति को राजधानी को सुनियोजित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि असुरक्षित और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्के घर मिलने से उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की स्थिति में सुधार होगा। नीति अधिसूचित होने के बाद अब सरकार का ध्यान इसके जमीनी क्रियान्वयन पर रहेगा। संबंधित विभाग निजी डेवलपर्स के साथ समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाएंगे। यदि निर्धारित समयसीमा और पारदर्शिता के साथ इसका क्रियान्वयन होता है, तो दिल्ली की करीब 675 झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
टिप्पणियाँ बंद हैं।