दिवाली से पहले दिल्ली के संविदा कर्मचारियों को सरकार का तोहफा, 30 नवंबर तक बोनस देना अनिवार्य

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (03 November 2026): दिवाली से पहले दिल्ली (Delhi) सरकार ने विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायत्त निकायों में ठेके पर काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने सभी ठेकेदारों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों का बोनस समय पर देने का निर्देश दिया है। दिल्ली सरकार के श्रम विभाग ने सोमवार को इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि सभी पात्र कर्मचारियों को आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर बोनस का भुगतान किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भुगतान में देरी या लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्रम विभाग के अपर आयुक्त यू.के. सिन्हा की ओर से जारी एडवाइजरी में बोनस भुगतान की अंतिम समयसीमा 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ठेकेदारों को हर हाल में इस तारीख तक पात्र कर्मचारियों का बोनस देना होगा। यह पूरी प्रक्रिया मजदूरी संहिता, 2019 के प्रावधानों के तहत संचालित होगी। एडवाइजरी के मुताबिक, 21 नवंबर 2025 से मजदूरी संहिता लागू होने के बाद पुराना बोनस भुगतान अधिनियम, 1965 निरस्त हो चुका है। इसलिए इस बार बोनस की पात्रता और गणना नए कानून के आधार पर की जाएगी।

किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस और कितनी होगी रकम?

सरकार ने बोनस पाने के लिए कर्मचारियों की पात्रता भी स्पष्ट कर दी है। जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन 21 हजार रुपये तक है और जिन्होंने संबंधित लेखा वर्ष में कम से कम 30 दिन काम किया है, वे बोनस के पात्र होंगे। ऐसे कर्मचारियों को न्यूनतम 8.33 प्रतिशत या 100 रुपये, जो भी अधिक हो, बोनस दिया जाएगा। वहीं अधिकतम बोनस की दर 20 प्रतिशत निर्धारित की गई है। बोनस की गणना 7 हजार रुपये या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी, जो भी अधिक हो, के आधार पर तय सीमा के अनुसार की जाएगी। 21 हजार रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को बोनस देना नियोक्ता के विवेक पर निर्भर करेगा।

ठेकेदारों की लापरवाही पर सरकारी विभाग भी होंगे जवाबदेह

श्रम विभाग ने उन ठेकेदारों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की है, जो कर्मचारियों का बोनस रोक लेते हैं या भुगतान में अनावश्यक देरी करते हैं। एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि बोनस भुगतान की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी। यदि कोई ठेकेदार निर्धारित समयसीमा तक बोनस देने में विफल रहता है, तो मजदूरी संहिता के तहत जुर्माना और बकाया राशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ठेकेदार द्वारा भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित सरकारी विभाग या सार्वजनिक उपक्रम की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

सभी विभागाध्यक्षों को पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश

दिल्ली सरकार के श्रम विभाग ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, विभागाध्यक्षों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीन काम करने वाले ठेकेदारों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों से आदेश का सख्ती से पालन कराएं। इस फैसले से सरकारी विभागों में काम करने वाले सफाईकर्मियों, डाटा एंट्री ऑपरेटरों, सुरक्षा गार्डों और मल्टी-टास्किंग स्टाफ सहित हजारों संविदा कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार के इस निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी त्योहार से पहले उनका कानूनी हक मिले और बोनस के नाम पर उनकी मेहनत की कमाई रोकी न जाए।


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