नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, 2018 के मारपीट मामले में कोर्ट की सख्त कार्रवाई
टेन न्यूज नेटवर्क
Ghaziabad News (02/10/2026): आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गाजियाबाद की विशेष MP-MLA कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह कार्रवाई साहिबाबाद थाने में दर्ज वर्ष 2018 के एक मारपीट के मामले में हुई है। ताजा सुनवाई के दौरान सांसद के अदालत में उपस्थित नहीं होने के बाद कोर्ट ने यह आदेश पारित किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने उनकी संपत्ति की कुर्की से जुड़ी कार्रवाई का आदेश भी दिया है।
आठ साल पुराने मामले में फिर बढ़ी कानूनी कार्रवाई
यह मामला वर्ष 2018 में साहिबाबाद क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह से जुड़ा है। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, समारोह में मौजूद चंद्रशेखर आजाद और उनके साथ आए लोगों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। शिकायत में मारपीट, अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, ये आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और किसी अंतिम न्यायिक निर्णय से सिद्ध नहीं हुए हैं।
शिकायतकर्ता धर्मेंद्र की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में चंद्रशेखर आजाद समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामला आगे चलकर गाजियाबाद की MP-MLA विशेष अदालत में पहुंचा, जहां इसकी न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
लगातार गैरहाजिरी के बाद कोर्ट का आदेश
मामले की हालिया सुनवाई के दौरान चंद्रशेखर आजाद अदालत में उपस्थित नहीं हुए। रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले भी उन्हें न्यायालय में पेश होने के लिए समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अदालत में उनकी लगातार अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया गया। इसके बाद अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
मामले में शिकायतकर्ता के अधिवक्ता भजनलाल गौतम की ओर से भी अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसमें अदालत से चंद्रशेखर आजाद की लगातार गैरहाजिरी को देखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।
संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी चर्चा में
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी करने के साथ चंद्रशेखर आजाद की संपत्ति कुर्क करने से संबंधित आदेश भी दिया है। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि शिकायतकर्ता पक्ष ने आपराधिक प्रक्रिया से संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद अदालत ने यह आदेश दिया।
इससे पहले भी इसी मामले में चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ वारंट जारी होने की जानकारी सामने आ चुकी है। मई 2025 में वह वारंट रिकॉल कराने के लिए अदालत में पेश हुए थे और उनके अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन दिया गया था।
क्या है मामला?
शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, वर्ष 2018 में साहिबाबाद स्थित एक विवाह समारोह के दौरान चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों की मौजूदगी में विवाद हुआ था। इसी घटना के बाद साहिबाबाद थाने में मारपीट सहित अन्य आरोपों के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में पुलिस की जांच के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया और तब से यह प्रकरण न्यायिक विचाराधीन है।
मामले की सुनवाई के दौरान अब अदालत ने चंद्रशेखर आजाद की अनुपस्थिति को लेकर गैर-जमानती वारंट जारी किया है। आगे की कार्रवाई संबंधित न्यायिक आदेशों और प्रक्रिया के अनुसार होगी। चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ लगाए गए मारपीट और धमकी के आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इस मामले में उनके खिलाफ कोई अंतिम दोषसिद्धि नहीं बताई गई है।
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