Delhi में Next-Gen Tech Industries को लेकर बड़ा प्लान | 1,148 एकड़ में ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल हब की तैयारी

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (25 September 2026): दिल्ली सरकार ने राजधानी को स्वच्छ, प्रौद्योगिकी-आधारित और नॉलेज-आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को प्रमुख उद्योग एवं रियल एस्टेट हितधारकों के साथ संवाद किया। बैठक में दिल्ली में अगली पीढ़ी के टेक उद्योगों को आकर्षित करने, निवेश बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा करने पर चर्चा हुई।

उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार उद्योग जगत के साथ साझेदारी और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार का फोकस परामर्श, पारदर्शिता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सतत औद्योगिक विकास पर रहेगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली को भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार करने के लिए ऐसा इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसमें स्वच्छ, गैर-प्रदूषणकारी, प्रौद्योगिकी और ज्ञान-आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले। दिल्ली की कुशल प्रतिभा, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कनेक्टिविटी, व्यापक मेट्रो नेटवर्क और मजबूत सेवा क्षेत्र को निवेश आकर्षित करने की प्रमुख ताकत के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।

1,148 एकड़ में ग्रीनफील्ड औद्योगिक अवसर

दिल्ली सरकार ने राजधानी में करीब 1,148 एकड़ के ग्रीनफील्ड औद्योगिक अवसरों की पहचान की है। इनमें करीब 920 एकड़ कंझावला, 147 एकड़ रानीखेड़ा और 81 एकड़ बापरोला औद्योगिक क्षेत्र में शामिल हैं। रानीखेड़ा क्षेत्र UER-II के किनारे स्थित होने के कारण राजधानी और आसपास के क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है।

इसके अलावा सरकार करीब 8 एकड़ में फैले झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स के पुनर्विकास की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है, ताकि नए दौर के व्यवसायों और उभरते उद्यमों के लिए आधुनिक औद्योगिक एवं वाणिज्यिक स्थान विकसित किए जा सकें।

Industrial Policy 2026–36 में GCCs पर फोकस

मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित नई औद्योगिक नीति 2026–2036 दिल्ली में औद्योगिक विकास के लिए नया ढांचा तैयार करेगी। इसमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और अन्य ज्ञान-आधारित उद्योगों को आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सरकार GCCs के लिए रोजगार सृजन प्रोत्साहन, किराये एवं वर्कस्पेस विकास सहायता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रमाणन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) से जुड़ी सहायता जैसे संभावित प्रोत्साहनों पर विचार कर रही है।

इसके साथ ही नई स्टार्टअप नीति, दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026, नई निर्यात प्रोत्साहन नीति और एक्सपोर्ट प्रमोशन सेल की स्थापना जैसी पहलों पर भी काम किया जा रहा है।

‘सही उद्योगों को लाना है, सिर्फ अधिक उद्योग नहीं’

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल अधिक उद्योग लाना नहीं, बल्कि ऐसे उद्योगों को आकर्षित करना है जो स्वच्छ, तकनीक-आधारित, नवाचार-केंद्रित हों और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार पैदा कर सकें।

बैठक में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, NASSCOM और प्रमुख रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों ने हिस्सा लिया। मंत्री ने कहा कि भविष्य का औद्योगिक विकास दिल्ली के दीर्घकालिक नियोजन ढांचे और MPD-2047 के अनुरूप किया जाएगा।

सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों के पर्यावरणीय प्रबंधन को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। Effluent Treatment Plants (ETPs) के आधुनिकीकरण सहित पर्यावरणीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों के साथ स्वच्छ तकनीकों को अपनाने वाली औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।


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