आरएमएल अस्पताल में भर्ती सुनील लुक्खड़ वाल्मीकि से मिले उदित राज

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (13 सितंबर 2026): कांग्रेस के पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. उदित राज ने रविवार को आरएमएल अस्पताल, नई दिल्ली की इमरजेंसी में गंभीर हालत में भर्ती सुनील लुक्खड़ वाल्मीकि से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ दलित समाज के कई लोग भी मौजूद रहे।

मुलाकात के बाद डॉ. उदित राज ने दावा किया कि सुनील लुक्खड़ वाल्मीकि की हालत गंभीर है और चिकित्सकों ने भी उनकी स्थिति को चिंताजनक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद दिल्ली पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।

डॉ. उदित राज के मुताबिक, सुनील वाल्मीकि ने आरोप लगाया है कि 10 सितंबर को उन्हें मुंडका से भाजपा विधायक गजेंद्र द्राल ने अपने कार्यालय में बुलाया, जहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया गया। डॉ. उदित राज ने कहा कि उन्होंने अस्पताल में सुनील वाल्मीकि की पीठ और पैरों पर गंभीर चोटें देखीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मेडिकल लीगल केस (MLC) में सिर पर चोट और उसके असर का उल्लेख है।

सुनील वाल्मीकि ने पुलिस पर लगाया कार्रवाई नहीं करने का आरोप

डॉ. उदित राज के अनुसार, सुनील वाल्मीकि ने बताया कि कथित मारपीट के बाद उन्हें पूरी रात पीटा गया और 11 सितंबर की सुबह वह किसी तरह वहां से निकलकर पुलिस को फोन करने में सफल हुए। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से उन्हें तत्काल मदद नहीं मिली।

उन्होंने दावा किया कि 11 सितंबर की शाम करीब 5 बजे 50-60 लोग थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। डॉ. उदित राज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बजाय भाजपा विधायक के दबाव में सुनील वाल्मीकि पर ही एफआईआर दर्ज नहीं कराने का दबाव बनाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुनील वाल्मीकि के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित तौर पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस और भाजपा विधायक गजेंद्र द्राल का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

SC/ST Act के तहत एफआईआर और विधायक की गिरफ्तारी की मांग

डॉ. उदित राज ने मांग की कि मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने मुंडका विधायक गजेंद्र द्राल की जल्द गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है तो जांच प्रभावित होने की आशंका है। डॉ. उदित राज ने कहा कि राजधानी दिल्ली में यदि दलित समाज के किसी व्यक्ति को कथित उत्पीड़न के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संघर्ष करना पड़े, तो देश के दूरदराज के इलाकों में स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

‘शुद्धिकरण’ की घटनाओं पर भी उठाए सवाल

डॉ. उदित राज ने हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए सामाजिक भेदभाव की मानसिकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ किया गया। उन्होंने राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर जाने के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह की घटनाओं के पीछे आखिर कैसी मानसिकता है। डॉ. उदित राज ने इसे ‘मनुवादी सोच’ बताते हुए इसके खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की बात कही।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुनील वाल्मीकि के मामले में जल्द एफआईआर दर्ज कर गजेंद्र द्राल की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो दिल्ली में वाल्मीकि समाज के साथ-साथ व्यापक दलित समाज की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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