New Delhi। News (10 September 2026): दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि सामने आई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली PWD के स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 3,214 स्वीकृत इंजीनियरिंग पद केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के कैडर से अलग होकर दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आएंगे। करीब 30 साल से लंबित इस व्यवस्था के लागू होने के बाद दिल्ली सरकार को अपने इंजीनियरों की नियुक्ति, तैनाती और उनके कामकाज की निगरानी में अधिक अधिकार मिल सकेंगे।
दिल्ली लोक निर्माण विभाग का गठन एक जुलाई 1961 को हुआ था, लेकिन अब तक विभाग की इंजीनियरिंग व्यवस्था केंद्रीय ढांचे पर निर्भर रही। दिल्ली PWD की इंजीनियरिंग विंग के 36 वर्गों में कुल 3,214 पद हैं, जिन पर अभी तक CPWD के कैडर से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत रहे हैं। ऐसे में नियुक्तियों और अधिकारियों की उपलब्धता के लिए दिल्ली सरकार को केंद्रीय व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता था। स्वतंत्र कैडर बनने के बाद दिल्ली सरकार राजधानी की जरूरतों के अनुसार अपना इंजीनियरिंग तंत्र विकसित कर सकेगी।
दिल्ली में लगातार बढ़ती बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को देखते हुए इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली सरकार आने वाले समय में नए सचिवालय के निर्माण के साथ सभी 11 जिलों में मिनी सचिवालय, मंडियों, खेल मैदानों और अन्य सरकारी भवनों की योजनाओं पर काम कर रही है। इसके अलावा सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक ढांचों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी भी PWD के पास है। ऐसे में विभाग के पास अपना स्थायी इंजीनियरिंग कैडर होने से परियोजनाओं के संचालन और निगरानी में बेहतर तालमेल बनने की उम्मीद है।
अलग इंजीनियरिंग कैडर बनने से केवल नियुक्तियों की व्यवस्था ही नहीं बदलेगी, बल्कि निर्माण कार्यों की निगरानी और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी मजबूत होगी। किसी परियोजना में कमी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना आसान हो सकेगा। अभी केंद्रीय कैडर से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण और प्रशासनिक बदलावों के कारण कई बार जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया प्रभावित होती रही है। नए ढांचे से खाली पदों को भरने, जरूरत के अनुसार इंजीनियरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र सरकार की मंजूरी को दिल्ली के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि अलग कैडर बनने से दिल्ली सरकार अपने इंजीनियरिंग तंत्र को जरूरत के अनुसार विकसित कर सकेगी और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ेगी। वहीं PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि स्वतंत्र दिल्ली PWD इंजीनियरिंग कैडर राजधानी की इंजीनियरिंग व्यवस्था को मजबूत, जवाबदेह और भविष्य के लिए तैयार करेगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी आएगी और दिल्लीवासियों को बेहतर सड़कें, पुल, सार्वजनिक भवन और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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