दिल्ली में बस सुरक्षा नियम सख्त, पैनिक बटन से लेकर CCTV तक पर कड़ी निगरानी
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (02 September 2026): दिल्ली में बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार ने नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग के आदेश के मुताबिक दिल्ली में चलने वाली सभी बसों में पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) हर समय चालू हालत में रखना अनिवार्य होगा। यह नियम दिल्ली में चलने वाली बाहरी राज्यों की बसों पर भी लागू होगा। बसों में पर्दे लगाने और खिड़कियों पर अनधिकृत फिल्म लगाने पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि बस के अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई दे सकें।
सरकार का यह फैसला एक नाबालिग के साथ चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद आया है। आरोप है कि घटना के दौरान बस की खिड़कियों पर पर्दे लगे हुए थे और सुरक्षा के लिए जरूरी CCTV व्यवस्था भी प्रभावी नहीं थी। पुलिस के अनुसार, यह घटना 4 अगस्त की रात हुई थी और बाद में चालक तथा परिचालक ने कथित तौर पर नाबालिग को कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया। इस घटना ने दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और पहले से निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
नए नियमों के तहत प्रत्येक बस में काम करने की स्थिति में पैनिक बटन, VLTD, अग्निशामक यंत्र और फर्स्ट-एड किट रखना होगा। रात के समय या बस के खाली रहने पर उसे केवल अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर ही खड़ा किया जा सकेगा। सरकार ने ड्राइवर और दूसरे कर्मचारियों के सत्यापन पर भी जोर दिया है। ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस, यूनिफॉर्म और जहां जरूरी हो वहां PSV बैज होना चाहिए, जबकि कंडक्टर के पास वैध कंडक्टर लाइसेंस, यूनिफॉर्म और संबंधित बैज होना अनिवार्य होगा।
बस कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। नशे की हालत में वाहन चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी और ड्राइवर-कंडक्टर को यात्रियों के साथ शालीन एवं जिम्मेदार व्यवहार करना होगा। यदि किसी महिला के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या किसी अन्य अपराध की स्थिति सामने आती है तो बस चालक दल को तत्काल पुलिस को सूचना देनी होगी और जरूरत पड़ने पर बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या PCR वैन तक ले जाना होगा। दिव्यांग यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने के दौरान हर संभव सहायता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सरकार ने बसों की तकनीकी और परिचालन स्थिति को लेकर भी कई शर्तें तय की हैं। प्रत्येक बस के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और PUC प्रमाणपत्र होना जरूरी होगा। बसें निर्धारित ट्रैफिक नियमों और बस लेन का पालन करेंगी तथा यात्रियों को केवल निर्धारित बस स्टॉप या अधिकृत स्थानों से ही चढ़ाया और उतारा जाएगा। सड़क के बीच, चौराहों या अन्य असुरक्षित स्थानों पर बस रोकने की अनुमति नहीं होगी। बस चलने के दौरान सभी दरवाजे सुरक्षित रूप से बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन की स्थिति में जुर्माना, वाहन को हिरासत में लेना या जब्त करना तथा लाइसेंस अथवा परमिट को निलंबित या रद्द करना जैसी कार्रवाई हो सकती है। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सुरक्षा उपकरण केवल कागजों पर दर्ज नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से काम करने की स्थिति में होने चाहिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन सख्त निर्देशों का जमीन पर कितना प्रभावी पालन होता है और क्या इससे दिल्ली की बसों में महिलाओं तथा अन्य यात्रियों को वास्तव में सुरक्षित माहौल मिल पाएगा।
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