IHE 2026: EPCH पवेलियन में दिखी भारतीय हस्तशिल्प की चमक, पेश किए नवाचारी और सतत उत्पाद
टेन न्यूज नेटवर्क
Greater Noida News (06/08/2026): इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो (IHE) 2026 के नौवें संस्करण में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) ने अपने विशेष पवेलियन के माध्यम से भारतीय हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा और आधुनिक डिज़ाइन का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। 5 से 8 अगस्त तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस प्रदर्शनी में ईपीसीएच ने होटल, रिसॉर्ट, रेस्तरां और कैटरिंग उद्योग (होरेका सेक्टर) की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हस्तनिर्मित, पर्यावरण-अनुकूल और डिजाइन आधारित उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की है।
ईपीसीएच पवेलियन का उद्घाटन परिषद के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक एवं आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार तथा कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने किया। इस अवसर पर परिषद के सदस्य निर्यातक, विभिन्न राज्यों से आए कारीगर तथा आतिथ्य उद्योग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
इस मौके पर ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि भारतीय हॉस्पिटैलिटी उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है और इसके साथ ही हस्तनिर्मित, विशिष्ट तथा टिकाऊ उत्पादों की मांग भी लगातार बढ़ रही है। उनका कहना था कि भारतीय हस्तशिल्प अपनी विविधता, पारंपरिक तकनीकों और क्षेत्रीय कला के कारण आधुनिक होटल, रिसॉर्ट और रेस्तरां की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने की क्षमता रखता है।

उन्होंने बताया कि आईएचई 2026 में लगाए गए ईपीसीएच पवेलियन के माध्यम से अतिथि कक्षों, लॉबी, बैंक्वेट हॉल, वेलनेस स्पेस, रेस्तरां और आउटडोर क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से तैयार किए जा सकने वाले भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे निर्यातकों और कारीगरों को बड़े संस्थागत खरीदारों तथा प्रमुख हॉस्पिटैलिटी ब्रांडों के साथ सीधे संपर्क स्थापित करने और दीर्घकालिक व्यावसायिक संबंध विकसित करने का अवसर मिलेगा।
ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक एवं आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि आईएचई अब देश के सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक मंचों में शामिल हो चुका है, जहां होटल उद्योग के निर्णयकर्ता, इंटीरियर डिजाइनर, वास्तुकार, परियोजना सलाहकार और सोर्सिंग विशेषज्ञ एक ही मंच पर उपलब्ध रहते हैं। ऐसे आयोजन हस्तशिल्प निर्माताओं को बाजार की आवश्यकताओं को समझने और उसके अनुरूप बड़े पैमाने पर उत्पाद विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अब अपने प्रतिष्ठानों में स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक कला और टिकाऊ सामग्रियों को प्राथमिकता दे रहा है। इससे भारतीय कारीगरों और निर्यातकों के लिए होटल एवं रेस्तरां उद्योग के साथ मिलकर विशेष उत्पाद विकसित करने और इंटीरियर डिज़ाइन परियोजनाओं में योगदान देने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उनका मानना है कि हस्तनिर्मित उत्पादों को हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की सप्लाई चेन से जोड़ने से न केवल कारीगरों को स्थायी रोजगार मिलेगा बल्कि भारतीय शिल्प को वैश्विक पहचान भी मिलेगी।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि परिषद की यह पहल हस्तशिल्प उद्योग और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के बीच सीधा व्यावसायिक संपर्क स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शित किए जा रहे अधिकांश उत्पाद होटल और रेस्तरां उद्योग की जरूरतों के अनुसार आकार, रंग, सामग्री, फिनिश, ब्रांडिंग और आवश्यक मात्रा के अनुरूप तैयार किए जा सकते हैं। इससे भारतीय हस्तशिल्प के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर खुलेंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष ईपीसीएच के सात सदस्य निर्यातक प्रदर्शनी में भाग ले रहे हैं। उनके स्टॉलों पर होम डेकोर, फर्नीचर, ग्लासवेयर, कालीन, किचनवेयर, जूट उत्पाद, हाउसवेयर और अन्य लाइफस्टाइल उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन भी है, जहां देश के विभिन्न राज्यों से आए मास्टर शिल्पकार अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के सहयोग से आगरा की जरी-जरदोजी, अल्मोड़ा की लोक चित्रकला, देहरादून की मोमबत्ती शिल्प, दिल्ली की पेपर मेशी एवं फ्यूजन क्राफ्ट, गुरुग्राम की ड्राई फ्लावर क्राफ्ट, होशियारपुर का होम डेकोर, कोलकाता की ग्रास फाइबर क्राफ्ट, लखनऊ की चिकनकारी तथा प्रयागराज की गुड़िया एवं खिलौना शिल्प जैसी पारंपरिक कलाओं का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) देश से हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्था है। परिषद देशभर के लाखों कारीगरों और शिल्पकारों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य करती है। ईपीसीएच के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल हस्तशिल्प निर्यात 33,168 करोड़ रुपये (लगभग 3.754 बिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा, जो भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग और उनकी मजबूत पहचान को दर्शाता है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।