G7 Summit 2026: एवियन में भारत की मजबूत मौजूदगी, PM मोदी ने वैश्विक चुनौतियों पर रखा स्पष्ट पक्ष
टेन न्यूज नेटवर्क
National News (17/06/2026): फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में आयोजित 52वें जी7 शिखर सम्मेलन का बुधवार को समापन हो गया। तीन दिनों तक चले इस महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा संकट, व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्षेत्रीय संघर्षों जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। भारत ने एक बार फिर साझेदार देश के रूप में सम्मेलन में भाग लेते हुए वैश्विक मंच पर अपनी सक्रिय भूमिका का प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर सम्मेलन के दौरान कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, तकनीकी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। विशेष रूप से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर जताई चिंता
जी7 सम्मेलन के एक सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया कई जटिल चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनका असर केवल संबंधित क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता पर भी पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समुद्रों में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने नाविकों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया।
ऊर्जा और व्यापार सहयोग पर फोकस
सम्मेलन के दौरान ऊर्जा सुरक्षा एक प्रमुख मुद्दा रहा। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों तथा महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए कई देशों ने दीर्घकालिक ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत ने भी ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में अपने दृष्टिकोण को साझा किया।
यूएई के राष्ट्रपति से भी हुई अहम मुलाकात
जी7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई संबंधों की प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, लॉजिस्टिक्स तथा रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
दोनों देशों ने तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह वर्ष 2026 में दोनों नेताओं की तीसरी मुलाकात थी, जो भारत और यूएई के बीच मजबूत होते संबंधों का संकेत माना जा रहा है।
वैश्विक मंच पर बढ़ता भारत का प्रभाव
जी7 सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी ने एक बार फिर यह संकेत दिया कि वैश्विक मुद्दों पर भारत की आवाज लगातार मजबूत हो रही है। आर्थिक विकास, डिजिटल परिवर्तन, जलवायु कार्रवाई और वैश्विक दक्षिण के हितों को लेकर भारत का दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एवियन में आयोजित इस शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बैठकों और चर्चाओं ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भारत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है। भारत ने एक जिम्मेदार और भरोसेमंद साझेदार के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का प्रयास किया है, जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है।
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