भूमि रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव: जानिए पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया

टेन न्यूज नेटवर्क

National News (14/06/2026): देश में भूमि एवं संपत्ति की खरीद-बिक्री को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सरल बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने भूमि पंजीकरण प्रणाली में व्यापक बदलाव प्रस्तावित किए हैं। इसके तहत रजिस्ट्रेशन बिल, 2025 का मसौदा जारी किया गया है, जो लागू होने के बाद पंजीकरण अधिनियम, 1908 का स्थान लेगा। नए प्रावधानों का उद्देश्य भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तकनीक-संचालित बनाना है।

नए नियमों के तहत 4 प्रमुख बदलाव

1. ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था

अब भूमि या अन्य अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकेगी। आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज निर्धारित सरकारी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे, जिससे रजिस्ट्री कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी।

2. आधार से अनिवार्य लिंकिंग

फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए संपत्ति पंजीकरण को आधार कार्ड से जोड़ना अनिवार्य किया जाएगा। इससे संबंधित पक्षों की पहचान का सत्यापन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

3. वीडियो रिकॉर्डिंग होगी अनिवार्य

रजिस्ट्री प्रक्रिया की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, जिसे डिजिटल साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। विवाद की स्थिति में यह रिकॉर्ड महत्वपूर्ण प्रमाण के रूप में उपयोग किया जा सकेगा।

4. पूरी तरह डिजिटल भुगतान

रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप ड्यूटी का भुगतान अब नकदी के बजाय डिजिटल माध्यमों से किया जाएगा। नागरिक UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। रजिस्ट्री वह कानूनी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से संपत्ति का स्वामित्व एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित होता है। वहीं, दाखिल-खारिज एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके तहत सरकारी अभिलेखों में नए मालिक का नाम दर्ज किया जाता है। इसके बाद ही बिजली, पानी, संपत्ति कर सहित अन्य रिकॉर्ड नए स्वामी के नाम पर अपडेट किए जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जिन मामलों में भूमि रिकॉर्ड में वास्तविक मालिक का नाम दर्ज नहीं है या रिकॉर्ड में दर्ज व्यक्ति का निधन हो चुका है, वहां भविष्य में संपत्ति के बंटवारे, बिक्री अथवा स्वामित्व संबंधी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। ऐसे मामलों में उत्तराधिकारियों को समय रहते आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अपने नाम रिकॉर्ड अपडेट कराना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि नई डिजिटल प्रणाली लागू होने से भूमि पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी। इसके साथ ही भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े और अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।