दिल्लीवासियों को बिजली का झटका, DERC ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (13 June 2026): राजधानी दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को जून महीने में बड़ा झटका लगने वाला है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) बढ़ाने की अनुमति दे दी है, जिसके बाद कई उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल चुकाना होगा। हालांकि सरकार की सब्सिडी योजना के तहत आने वाले 200 यूनिट तक शत-प्रतिशत और 201 से 400 यूनिट तक 50 प्रतिशत सब्सिडी पाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर नहीं पड़ेगा।

DERC के फैसले के बाद राजधानी की तीनों बिजली वितरण कंपनियों को अलग-अलग दरों से अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज वसूलने की मंजूरी मिली है। बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) को 7.94 प्रतिशत, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) को 7.43 प्रतिशत और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) को 6 प्रतिशत अतिरिक्त FPPAS वसूलने की अनुमति दी गई है। पहले सभी कंपनियां 10 प्रतिशत तक ही यह अधिभार वसूल रही थीं, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर क्रमशः 17.94, 17.43 और 16 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आयातित ईंधन की बढ़ती लागत के कारण कोयले, गैस और अन्य ऊर्जा स्रोतों की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसी बढ़ी हुई लागत का हवाला देते हुए बिजली वितरण कंपनियों ने आयोग से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की मांग की थी। आयोग ने फिलहाल एक महीने के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है और स्पष्ट किया है कि आगे इसकी समीक्षा महीने-दर-महीने के आधार पर की जाएगी।

इस फैसले का सबसे अधिक असर व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने आशंका व्यक्त की है कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से दिल्ली के व्यापारियों और फैक्ट्री संचालकों की लागत बढ़ेगी, जिससे उत्पादन महंगा होगा और कारोबार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा। संगठन का कहना है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में दिल्ली में बिजली पहले ही महंगी है और नए फैसले से यह अंतर और बढ़ सकता है।

यदि ऊर्जा लागत में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो इसका असर उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर भी पड़ सकता है। वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सब्सिडी योजना के दायरे में आने वाले परिवारों को फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। हालांकि अधिक खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जून के बिजली बिल में इस बढ़ोतरी का प्रभाव साफ तौर पर दिखाई देगा।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि “पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) कोई नई व्यवस्था नहीं है। देश के बिजली कानून बिजली कंपनियों को ईंधन की बढ़ती लागत के अनुसार समायोजन करने की अनुमति देते हैं। पश्चिम एशिया की स्थिति और अन्य कारणों से पिछले कुछ महीनों में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते पिछले महीने औसतन बिजली खरीद लागत में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बावजूद सरकार के हस्तक्षेप से पहले पीपीएसी केवल 14.5 प्रतिशत तक रखा गया था और अब भी 31 प्रतिशत लागत वृद्धि के बावजूद केवल 2.4 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी की अनुमति दी गई है। इससे पीपीएसी 14.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 17.5 से 17.9 प्रतिशत हुआ है। हमारी सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि बिजली की कीमतों का बोझ आम उपभोक्ताओं पर न्यूनतम पड़े।”


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।