National News (23 February 2026): कोलकाता से बड़ी खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का रविवार देर रात निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की है। उनके निधन की खबर मिलते ही राज्य की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं और समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मुकुल रॉय को बंगाल की ‘राजनीति का चाणक्य’ कहा जाता था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वामपंथी खेमे से की, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। छात्र राजनीति से उभरकर वह संगठन के मजबूत स्तंभ बने। उत्तर 24 परगना से उनका राजनीतिक आधार मजबूत हुआ। रणनीति बनाने और संगठन खड़ा करने में उनकी खास पहचान थी। यही वजह रही कि वह जल्द ही राज्य की राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने लगे।
नब्बे के दशक के आखिर में जब ममता बनर्जी ने नई पार्टी बनाने का फैसला किया, तब मुकुल रॉय उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में थे। उन्होंने अन्य नेताओं के साथ मिलकर AITC की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और संगठन विस्तार में उनका बड़ा योगदान माना जाता है। लंबे समय तक वह तृणमूल कांग्रेस की रणनीति के प्रमुख सूत्रधार रहे।
साल 2009 में केंद्र की यूपीए सरकार में उन्हें शिपिंग राज्य मंत्री बनाया गया। 2011 में तृणमूल कांग्रेस की जीत के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। रेल किराया विवाद के बाद उन्हें रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई और उन्होंने रेल मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। इस दौरान उन्होंने संगठन और सरकार के बीच समन्वय की भूमिका निभाई। राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी सक्रिय उपस्थिति दर्ज रही।
साल 2017 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अलग होने की घोषणा कर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। बाद में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और 2021 के विधानसभा चुनाव में कृष्णानगर नॉर्थ सीट से जीत हासिल की। हालांकि चुनाव के बाद उन्होंने फिर से तृणमूल कांग्रेस में वापसी कर ली। इसके बाद वह सक्रिय राजनीति में अपेक्षाकृत कम नजर आए। मुकुल रॉय का राजनीतिक जीवन कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा।
उनके निधन से पश्चिम बंगाल की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया है। समर्थकों के बीच शोक और भावुकता का माहौल है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुकुल रॉय की संगठन क्षमता और रणनीतिक सोच लंबे समय तक याद की जाएगी। बंगाल की राजनीति में उनका योगदान अहम रहा है। आज पूरा राजनीतिक जगत उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।