दिल्ली में मानव तस्करी का रैकेट सक्रिय?, 11 सालों में कितने बच्चे हुए लापता
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (02 February 2026): राजधानी दिल्ली में लापता बच्चों और मानव तस्करी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। दिल्ली पुलिस के जिपनेट आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 से 2025 के बीच नवजात से 18 वर्ष तक के कुल 5,559 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 4,864 बच्चों को पुलिस ने बरामद कर लिया, लेकिन 695 बच्चे अब भी अपने घर नहीं लौट पाए हैं। ये आंकड़े न सिर्फ चौंकाने वाले हैं, बल्कि दिल्ली के अभिभावकों के लिए गहरी चिंता का विषय भी बन गए हैं।
सिर्फ बच्चों ही नहीं, बल्कि सभी आयु वर्ग को मिलाकर देखें तो बीते 11 वर्षों में दिल्ली से कुल 2,55,432 लोग लापता हुए। इनमें से 2,01,455 लोगों को पुलिस ने खोज निकाला, जबकि 53,977 लोग अब भी लापता हैं। इसका मतलब यह है कि इन 11 वर्षों में औसतन हर दिन करीब 63 लोग राजधानी से गायब हुए, जो कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस बढ़ती समस्या के पीछे मानव तस्करी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ के राष्ट्रीय संयोजक रविकांत के मुताबिक, 1 अप्रैल 2023 से 29 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली में मानव तस्करी का शिकार हुए 6,759 नाबालिगों को मुक्त कराया गया। इनमें 2,134 लड़कियां और 3,281 लड़के शामिल हैं। इसी अवधि में दिल्ली में मानव तस्करी के 2,407 मामले दर्ज किए गए।
रविकांत ने बताया कि ये बच्चे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से लालच, धोखे और धमकी के जरिए दिल्ली लाए गए थे। देशव्यापी स्तर पर स्थिति और भी भयावह है, जहां इसी अवधि में 1,25,408 बच्चों को मानव तस्करी गिरोहों के चंगुल से छुड़ाया गया और 56,459 केस दर्ज हुए। इनमें बड़ी संख्या ऐसे बच्चों की है जो न तो घर से भागे थे और न ही अपने परिवार से बिछड़े थे।
लापता बच्चों की तलाश के लिए दिल्ली पुलिस ने 22 अप्रैल 2022 को एक सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू की है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के लापता बच्चे का केस दर्ज करना अनिवार्य है। सूचना मिलते ही तुरंत तलाश शुरू की जाती है, शुरुआती 48 घंटे को बेहद अहम माना जाता है और 24 घंटे के भीतर सभी विवरण जिपनेट पर अपलोड किए जाते हैं। इसके साथ ही ऑल इंडिया लेवल पर अलर्ट, मीडिया के जरिए सूचना और बॉर्डर चेक पोस्ट पर सतर्कता बढ़ाई जाती है।
दिल्ली पुलिस लापता बच्चों की तलाश में लगे कर्मियों को प्रोत्साहन देने के लिए इनाम और आउट ऑफ टर्न प्रमोशन का भी प्रावधान रखती है। वहीं, आम नागरिक 112, 1090, 1094 जैसे नंबरों या पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बावजूद इसके, सैकड़ों बच्चों का अब तक न मिल पाना यह बताता है कि समस्या की जड़ें गहरी हैं और समाज, प्रशासन व अभिभावकों तीनों को मिलकर सतर्क और सक्रिय होने की जरूरत है।।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।