अजित पवार विमान हादसा: वरिष्ठ एविएशन एक्सपर्ट अविनाश चिकटे ने क्या कहा | टेन न्यूज विशेष
टेन न्यूज नेटवर्क
National News (02/02/2026): बीते दिनों महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत हो गई। जिसके बाद केवल महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि देशभर में शोक की लहर दौड़ गई।
इस हादसे और बारामती एयरपोर्ट को लेकर एविएशन एक्सपर्ट अविनाश चिकटे ने तथ्यात्मक जानकारियां साझा करते हुए कहा कि, बारामती एक छोटा हवाई अड्डा है, जिसका मुख्य रूप से उपयोग प्रशिक्षण उड़ानों और चार्टर विमानों के लिए किया जाता है। यहां की रनवे मुंबई एयरपोर्ट की तुलना में लगभग आधी लंबाई और चौड़ाई की है, जो काफी संकरी और छोटी मानी जाती है।
यह एयरपोर्ट एक छोटे पठार पर बना हुआ है, जिसे “टेबलटॉप रनवे” कहा जाता है। इसका मतलब है कि रनवे के चारों ओर ढलान मौजूद है, जिससे लैंडिंग और टेक-ऑफ के दौरान जोखिम बढ़ जाता है।
बारामती एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC), रडार और अलग मौसम विभाग जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यहां पायलट रेडियो के जरिए आपस में संपर्क करते हैं और मौसम की जानकारी के लिए फ्लाइट स्कूल के प्रशिक्षकों पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा, यहां इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) भी नहीं है, जिससे पायलटों को लैंडिंग के लिए रनवे को साफ तौर पर देखना जरूरी होता है।
उन्होंने बताया कि, हादसे के दिन सुबह दृश्यता करीब 3 किलोमीटर थी, जो विमान उड़ान के लिए कम मानी जाती है। इसके साथ ही रनवे 11 पर लैंडिंग के दौरान विमान को पूर्व दिशा (110 डिग्री) में उड़ान भरनी पड़ती है, जिससे सूरज की रोशनी सीधे पायलटों की आंखों में पड़ती है और रनवे देखने में परेशानी होती है।
पहली बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान पायलट रनवे नहीं देख पाए और उन्होंने सुरक्षित तरीके से “गो-अराउंड” किया, जो एक सामान्य प्रक्रिया है। दूसरी बार प्रयास के समय भी शुरुआत में रनवे दिखाई नहीं दिया, लेकिन बाद में पायलटों ने रेडियो पर रनवे दिखने की सूचना दी।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, विमान ने अचानक तेज मोड़ लिया और तेजी से नीचे की ओर गिरने लगा। हालांकि रनवे से जुड़ने के लिए छोटे मोड़ सामान्य होते हैं, लेकिन यह मोड़ काफी ज्यादा तीखा था।
दो इंजन वाले विमान में यदि एक इंजन फेल हो जाए, तो दूसरा इंजन विमान को एक दिशा में घुमा सकता है, जिससे विमान असंतुलित होकर पलट सकता है। अगर उस समय ऊंचाई या समय कम हो, तो हादसा हो सकता है।
हादसा इंजन खराबी के कारण हुआ या किसी नियंत्रण प्रणाली में गड़बड़ी के चलते यह जांच का विषय है, ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद कर लिया गया है और उसकी जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अटकलें न लगाएं और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना और सम्मान बनाए रखें।।
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