संसद सुरक्षा चूक मामला: हाई कोर्ट से दो आरोपियों को मिली जमानत, दिल्ली पुलिस ने जताया विरोध
टेन न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली (02 जुलाई 2025): संसद की सुरक्षा में गंभीर चूक से जुड़े 13 दिसंबर 2023 के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार को दो आरोपियों नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दे दी है। अदालत ने यह फैसला ऐसे समय में दिया है जब दिल्ली पुलिस ने इनकी जमानत का कड़ा विरोध किया था। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतों पर रिहा करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत मिलने के बावजूद दोनों आरोपी न तो मीडिया से कोई बातचीत करेंगे और न ही सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी या पोस्ट डालेंगे।
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने अदालत में तर्क रखा कि इस घटना का उद्देश्य 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले की भयावह यादों को ताजा करना था। पुलिस ने दावा किया कि यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ था और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। इससे पहले निचली अदालत ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था। अदालत ने 21 मई को सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो अब सार्वजनिक किया गया है।
गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2023 को संसद भवन में उस समय अफरा-तफरी मच गई थी जब दो युवक – सागर शर्मा और मनोरंजन डी – दर्शक दीर्घा से छलांग लगाकर लोकसभा के अंदर पहुंच गए थे। उन्होंने पीली गैस छोड़ी और नारेबाजी की। मौके पर मौजूद सांसदों ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद संसद परिसर के बाहर नीलम आजाद और अमोल शिंदे ने रंगीन गैस का स्प्रे किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। मामले की जांच के दौरान ललित झा और महेश कुमावत की गिरफ्तारी भी हुई थी, जिन्हें घटना का मास्टरमाइंड बताया गया।
यह पूरी घटना संसद की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, विशेषकर उस दिन जब 2001 के आतंकी हमले की बरसी थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि यह प्रदर्शन एक पूर्व नियोजित योजना के तहत किया गया था। हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर नई बहस छिड़ गई है कि क्या ऐसे मामलों में जमानत देना राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित है। वहीं, कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि संविधान में दिए गए मूलभूत अधिकारों के तहत आरोपी कानून के अनुसार जमानत के पात्र हैं, लेकिन उन पर सख्त शर्तें लागू रहेंगी।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन नई दिल्ली, दिल्ली सरकार, दिल्ली राजनीति, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टिप्पणियाँ बंद हैं।