मुस्तफाबाद हादसा: सीएम रेखा गुप्ता ने दिए जांच के आदेश

टेन न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली (19 अप्रैल 2025): उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में शुक्रवार की देर रात बड़ा हादसा हुआ, जहां शक्ति विहार में एक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस दर्दनाक घटना में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तत्काल संज्ञान लेते हुए घटना की जांच के आदेश दिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। राहत और बचाव कार्यों के लिए डीडीएमए, एनडीआरएफ और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर तैनात हैं।

सीएम रेखा गुप्ता ने जताया दुख

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए घटना पर शोक जताया और कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने लिखा, “मुस्तफाबाद में इमारत गिरने की घटना अत्यंत दुखद है। मैंने जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था की गई है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मलबे से अब तक 14 लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें से चार को मृत घोषित कर दिया गया।

विपक्ष ने भी जताया शोक, AAP कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील

पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विपक्ष की नेता आतिशी ने भी हादसे पर दुख जताया है। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में मदद की अपील की। आतिशी ने कहा कि ‘आप’ कार्यकर्ता मौके पर रहकर बचाव कार्यों में अधिकारियों को सहयोग करें। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है, और लोग अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।

विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने मुआवजे का दिया आश्वासन

मुस्तफाबाद के विधायक और विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने हादसे के लिए एमसीडी और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि तीन महीने पहले ही उन्होंने इस इमारत को खतरे का कारण बताया था और कार्रवाई की मांग की थी। बिष्ट ने कहा, “पूरा इलाका जर्जर और अवैध इमारतों से भरा है। यह हादसा भ्रष्टाचार और लापरवाही का नतीजा है।” उन्होंने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का भी भरोसा दिलाया।

यह हादसा दिल्ली में अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर मुद्दे को एक बार फिर उजागर करता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में कई जर्जर और अवैध इमारतें खड़ी हैं, जो कभी भी खतरा बन सकती हैं। इलाके में बिजली के अव्यवस्थित कनेक्शन और निर्माण में नियमों की अनदेखी जैसे कई कारण भी सामने आ रहे हैं। प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।


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