नई दिल्ली (08 दिसंबर 2024): पंजाब के किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत अपनी 13 मांगों को लेकर आंदोलन तेज करते हुए दिल्ली कूच के लिए तैयार हैं। शंभू बॉर्डर पर डटे किसान अब दोबारा राजधानी की ओर बढ़ने का फैसला कर चुके हैं। किसान मजदूर मोर्चा के कोऑर्डिनेटर सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि सरकार को 7 दिसंबर तक का समय दिया गया था, लेकिन बातचीत की कोई पहल नहीं हुई। ऐसे में आज (8 दिसंबर) 101 किसानों का जत्था दोपहर 12 बजे दिल्ली के लिए रवाना होगा।
सरकार से नहीं मिली प्रतिक्रिया, किसानों का कड़ा रुख
किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी कानून, कर्ज माफी, किसानों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने और किसानों के परिवारों को मुआवजा समेत 13 मांगें रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि शंभू बॉर्डर पर जुटे किसानों ने अब इंतजार छोड़कर आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।
6 दिसंबर को भी दिल्ली कूच की कोशिश नाकाम
6 दिसंबर को किसानों ने दिल्ली कूच की कोशिश की थी, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें शंभू बॉर्डर पर रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें 8 किसान घायल हो गए थे। इसके बावजूद किसान अपने आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?
किसानों की मुख्य मांगों में निम्न शामिल हैं:
1. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी कानून।
2. किसानों के सभी कर्ज माफ करना।
3. बिजली बिल 2020 को वापस लेना।
4. गन्ना किसानों का भुगतान जल्द करना।
5. किसानों और मजदूरों के परिवारों को मुआवजा।
6. आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेना।
आंदोलन का बढ़ता दायरा
किसान नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा। दिल्ली कूच को लेकर हरियाणा और दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं, किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ने की बात कर रहे हैं।
यह देखना अहम होगा कि सरकार और किसानों के बीच बातचीत का कोई रास्ता निकलता है या आंदोलन और तीव्र हो जाता है।
टिप्पणियाँ बंद हैं।