सदर बाजार की दुकानों पर सीलिंग की तलवार, MCD ने भेजे नोटिस, व्यापारियों में आक्रोश

टेन न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली (07 मार्च 2025): दिल्ली के सदर बाजार के व्यापारियों पर सीलिंग की तलवार लटक रही है। एमसीडी ने कन्वर्जन और पार्किंग शुल्क जमा करने के नोटिस जारी किए हैं, जिससे दुकानदारों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि, फिलहाल सीलिंग पर रोक लगी हुई है, लेकिन जैसे ही यह आदेश समाप्त होगा, व्यापारियों को अपनी दुकानों के सील होने का खतरा मंडराने लगेगा। इस अनिश्चितता के बीच व्यापारियों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है, ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

सदर बाजार को व्यावसायिक क्षेत्र घोषित करने की मांग

फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि 2004 में जब दिल्ली में सीलिंग की जा रही थी, तब नगर निगम के अधिकारियों ने सदर बाजार का सर्वेक्षण किया था। उस समय की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था कि सदर बाजार एक व्यावसायिक क्षेत्र है, इसलिए यहां सीलिंग की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। यह रिपोर्ट डीडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष को भी भेजी गई थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक सदर बाजार को आधिकारिक रूप से व्यावसायिक क्षेत्र घोषित नहीं किया गया। इसी कारण अधिकारियों को यहां रिहायशी क्षेत्र मानकर सीलिंग नोटिस भेजने का आधार मिल जाता है।

डेढ़ साल पहले भी भेजे गए थे सीलिंग नोटिस

फेडरेशन के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले एमसीडी ने 24 दुकानदारों को सीलिंग नोटिस भेजे थे और लगभग 300 अन्य दुकानदारों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रही थी। हालांकि, व्यापारियों के विरोध और अपनी समस्याओं को रखने के बाद इस कार्रवाई को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। लेकिन अब कुछ लोग मॉनिटरिंग कमेटी से शिकायत कर रहे हैं, जिससे फिर से सीलिंग की कार्रवाई शुरू हो सकती है। व्यापारियों का आरोप है कि यह सब अधिकारियों द्वारा दबाव बनाकर अवैध वसूली करने का एक तरीका है। व्यापारियों का कहना है कि होली के बाद एक बैठक कर मुख्यमंत्री से औपचारिक रूप से सदर बाजार को व्यावसायिक क्षेत्र घोषित करने की मांग की जाएगी। उनका मानना है कि अगर सदर बाजार को कानूनी रूप से व्यावसायिक क्षेत्र का दर्जा मिल जाता है, तो एमसीडी की सीलिंग कार्रवाई को स्थायी रूप से रोका जा सकता है। व्यापारियों ने सरकार से अपील की है कि वे उनकी समस्याओं को गंभीरता से लें और समाधान निकालें, ताकि उनके व्यापार पर बार-बार खतरा न मंडराए।

एनडीएमसी ने 380 संपत्ति कर बकाएदारों को भेजा नोटिस

सदर बाजार के व्यापारियों के अलावा, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने 380 संपत्ति कर बकाएदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन नोटिसों में बकाया राशि का भुगतान न करने पर संपत्ति कुर्क करने और बैंक खाते फ्रीज करने जैसी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। परिषद ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कर वसूली के प्रयासों को तेज किया गया है, और उन 3,200 करदाताओं की पहचान की गई है, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों से लगातार टैक्स नहीं चुकाया है। सदर बाजार के व्यापारी एमसीडी की सीलिंग कार्रवाई से परेशान हैं, वहीं एनडीएमसी के सख्त कदमों से भी कई व्यापारियों में चिंता है। दिल्ली के व्यावसायिक केंद्रों में लगातार प्रशासनिक दबाव और टैक्स संबंधी सख्ती के कारण छोटे और मध्यम व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में व्यापारी सरकार से यथासंभव राहत की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि दिल्ली का व्यापार सुचारु रूप से चलता रहे और अर्थव्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।


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