दिल्ली सरकार को NGT का निर्देश, मानसून से पहले सभी नालों की सफाई करें

टेन न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली (23 फरवरी 2025): दिल्ली में मॉनसून के दौरान जलभराव की समस्या को रोकने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (आईएंडएफसीडी) को सख्त निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने कहा है कि राजधानी में 24 नालों की सफाई का कार्य 31 मई तक पूरा किया जाए, ताकि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या न हो। ट्रिब्यूनल ने यह भी निर्देश दिया कि आईएंडएफसीडी 25 फरवरी तक एक अंडरटेकिंग प्रस्तुत करे, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि गाद निकालने का कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

सुनवाई के दौरान विभाग ने 20 फरवरी को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें बताया गया कि कई नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है और इसे समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 14 फरवरी तक विजय घाट मोट नाले का 84.92 प्रतिशत, सिविल-मिलिट्री नाले का 78.51 प्रतिशत, महारानी बाग नाले का 50.24 प्रतिशत, अबुल फजल नाले का 49.21 प्रतिशत और कुशक नाले का 48.93 प्रतिशत सफाई कार्य पूरा किया जा चुका था।

हालांकि, कुछ नालों की सफाई बेहद धीमी गति से हो रही है, जिससे जलभराव की समस्या बनी रह सकती है। रिपोर्ट में बताया गया कि सोनिया विहार नाले की केवल 0.08 प्रतिशत, शास्त्री पार्क नाले की 0.34 प्रतिशत, सेन नर्सिंग होम नाले की 0.54 प्रतिशत, कैलाश नगर नाले की 0.55 प्रतिशत और बारापुला नाले की मात्र 1 प्रतिशत सफाई हुई है। ऐसे में इन इलाकों में जलभराव का खतरा अधिक बना हुआ है।

एनजीटी की पीठ, जिसमें चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, जूडिशियल मेंबर जस्टिस सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल शामिल थे, ने कहा कि यदि सफाई का कार्य तय समय में पूरा नहीं हुआ, तो मॉनसून के दौरान इन नालों से बहने वाले इलाकों में पानी भरने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। पिछले वर्ष भी कई इलाकों में नालों के ओवरफ्लो होने से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

ट्रिब्यूनल ने कहा कि नालों से गाद निकालने का काम समय पर पूरा करना जरूरी है, क्योंकि देरी होने से इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि वह इस कार्य की निगरानी बढ़ाए और सभी संबंधित विभाग इस अभियान को प्राथमिकता दें। एनजीटी ने स्पष्ट किया कि यदि समयसीमा के भीतर सफाई कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली में हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर रूप से सामने आती है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और कई स्थानों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे में एनजीटी का यह निर्देश दिल्लीवासियों के लिए राहत भरा हो सकता है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन इसे कितनी गंभीरता से लेता है और समय पर सफाई कार्य पूरा करता है।।


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