डॉक्टर दंपती पर 24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, प्लॉट और सरकारी काम दिलाने के नाम पर वसूली

टेन न्यूज नेटवर्क

Noida News (02/11/2026): नोएडा में प्लॉट आवंटन और सरकारी विभागों में काम कराने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। एक डॉक्टर दंपती पर अलग-अलग योजनाओं में प्लॉट, कमर्शियल प्रॉपर्टी और जेवर एयरपोर्ट पर कारोबार दिलाने के नाम पर 24 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लेने का आरोप लगा है। मामले में रोहिल्लापुर निवासी मनोज कुमार की शिकायत पर थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने डॉक्टर नितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी राबिन गौर के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉक्टर दंपती ने नोएडा और यमुना प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी संबंध होने का दावा कर उनका विश्वास जीता। इसी प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं में प्लॉट और व्यावसायिक संपत्तियां आवंटित कराने का भरोसा दिया। आरोप है कि इसी बहाने अलग-अलग समय पर उनसे बड़ी रकम ली गई, लेकिन न तो कोई संपत्ति आवंटित कराई गई और न ही वादे के मुताबिक सरकारी काम पूरे हुए।

मेडिकल डिवाइस पार्क से लेकर कमर्शियल प्लॉट तक के नाम पर करोड़ों की वसूली

एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने सबसे पहले यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के मेडिकल डिवाइस पार्क में प्लॉट दिलाने की बात कही। इसके लिए शिकायतकर्ता से छह लाख रुपये लेने का आरोप है। इसके बाद नोएडा के सेक्टर-61 में पहले से निरस्त हो चुके कमर्शियल प्लॉट का दोबारा आवंटन कराने का आश्वासन देकर करीब 2.80 करोड़ रुपये लिए गए।

इसी तरह किसान कोटे के तहत अतिरिक्त पांच प्रतिशत प्लॉट दिलाने के नाम पर लगभग 5.70 करोड़ रुपये और 2140 वर्गमीटर का कमर्शियल प्लॉट आवंटित कराने के लिए करीब 4.50 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने इन सभी कामों को जल्द पूरा कराने का भरोसा दिया था, लेकिन लंबे समय तक रकम लेने के बावजूद कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।

जेवर एयरपोर्ट पर फूड कोर्ट और वाइन शॉप दिलाने का भी दिया भरोसा

मामले में एक बड़ा आरोप जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कारोबार दिलाने से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, डॉक्टर दंपती ने एयरपोर्ट टर्मिनल में फूड कोर्ट और वाइन शॉप का संचालन दिलाने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए मार्च 2023 से जुलाई 2026 के बीच करीब 5.30 करोड़ रुपये लेने का आरोप है।

इसके अलावा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ग्रुप हाउसिंग प्लॉट आवंटित कराने के नाम पर भी शिकायतकर्ता से लगभग 5.70 करोड़ रुपये वसूलने की बात एफआईआर में कही गई है। पीड़ित का दावा है कि इन सभी प्रस्तावों को सरकारी अधिकारियों तक पहुंच और प्रभाव के आधार पर संभव बताया गया था।

21.78 करोड़ रुपये लौटाने का लिखित आश्वासन देने का दावा

मनोज कुमार के मुताबिक, अलग-अलग परियोजनाओं और संपत्तियों के नाम पर उनसे 24 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ली गई। जब लंबे समय तक कोई काम नहीं हुआ तो उन्होंने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी।

शिकायत में दावा किया गया है कि 26 नवंबर 2025 को आरोपी पक्ष की ओर से लिखित रूप में करीब 21.78 करोड़ रुपये वापस करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद पूरी रकम वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि मोबाइल फोन पर हुई बातचीत में आरोपी ने करीब 31 करोड़ रुपये प्राप्त करने की बात स्वीकार की थी। इस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उसके पास होने की बात कही गई है।

बुलंदशहर में अस्पताल और नोएडा में विला खरीदने का आरोप

एफआईआर में शिकायतकर्ता ने रकम के कथित इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि उससे प्राप्त पैसों से बुलंदशहर में एक अस्पताल का निर्माण कराया गया। इसके अलावा नोएडा के सेक्टर-128 स्थित किंग्सवुड विला में दो विला खरीदे जाने का भी आरोप लगाया गया है।

हालांकि, इन संपत्तियों की खरीद में कथित तौर पर शिकायतकर्ता से ली गई रकम के इस्तेमाल की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

600 वर्ग गज जमीन के हस्तांतरण और 8 करोड़ रुपये लेने का भी आरोप

मामले में जमीन से जुड़ा एक अलग आरोप भी सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, अक्टूबर और नवंबर 2023 के दौरान उसकी करीब 600 वर्ग गज जमीन अपने नाम करा ली गई थी। बाद में इस जमीन को किसी अन्य व्यक्ति के हाथों बेचने का आरोप है।

मनोज कुमार का कहना है कि जमीन को बचाने और उससे जुड़े विवाद का समाधान कराने के नाम पर भी उनसे करीब आठ करोड़ रुपये लिए गए। शिकायत में इस पूरे घटनाक्रम को कथित आर्थिक धोखाधड़ी का हिस्सा बताया गया है।

रकम वापस मांगने पर परिवार को धमकाने का आरोप

शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी गई तहरीर में जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उसका आरोप है कि जब उसने डॉक्टर दंपती से अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं।

मनोज कुमार के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से कुछ अज्ञात लोग उसके घर के आसपास संदिग्ध गतिविधियां करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने रास्ते में रोककर उसे डॉक्टर से पैसे मांगना बंद करने की चेतावनी दी और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, वित्तीय लेनदेन और आरोपों की जांच शुरू

फिलहाल थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने शिकायत के आधार पर डॉक्टर नितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी राबिन गौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में प्लॉट आवंटन के नाम पर हुए कथित लेनदेन, बैंक ट्रांजेक्शन, लिखित आश्वासन, मोबाइल रिकॉर्डिंग और जमीन के हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेज अहम साक्ष्य हो सकते हैं।

पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि शिकायतकर्ता से कितनी वास्तविक रकम प्राप्त हुई, किन-किन लोगों की इसमें भूमिका रही और सरकारी प्राधिकरणों में प्लॉट आवंटन कराने के नाम पर किए गए दावों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और आरोपियों का पक्ष सामने आना बाकी है।


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