दिल्ली में साबरमती मॉडल पर बनेगा यमुना रिवरफ्रंट, पल्ला से कालिंदी कुंज तक होगा विकास
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (21 October 2026): दिल्ली (Delhi) में यमुना नदी (Yamuna River) के किनारों को विकसित करने के लिए सरकार ने साबरमती रिवरफ्रंट मॉडल (Sabarmati Riverfront Model) पर काम शुरू करने की तैयारी की है। प्रस्तावित परियोजना के तहत पल्ला (Palla) से कालिंदी कुंज (Kalindi Kunj) तक यमुना के किनारे आधुनिक रिवरफ्रंट विकसित किया जाएगा। इसके लिए साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा (Parvesh Verma) के अनुसार, सरकार चाहती है कि अपने मौजूदा कार्यकाल के दौरान दिल्लीवासियों को इस परियोजना का काम जमीन पर दिखाई देने लगे।
दो चरणों में विकसित होगा यमुना का किनारा
परियोजना के पहले चरण में पल्ला से वजीराबाद (Wazirabad) तक के क्षेत्र को विकसित करने की योजना है, जबकि दूसरे चरण में वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक का हिस्सा शामिल होगा। सरकार इस परियोजना की रूपरेखा तैयार करने के लिए सलाहकारों की नियुक्ति कर रही है। पहले चरण को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे के हिस्सों में काम को गति दी जा सकेगी। प्रस्तावित रिवरफ्रंट में साइकिल ट्रैक, पैदल चलने के लिए रास्ते, खेल के मैदान और मनोरंजन के लिए खुले स्थान बनाए जाने की योजना है। इससे यमुना के किनारे लोगों के लिए सार्वजनिक गतिविधियों और मनोरंजन के नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
दिल्ली की जरूरतों के अनुसार बनेगी योजना
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने हाल ही में अधिकारियों के साथ अहमदाबाद (Ahmedabad) स्थित साबरमती रिवरफ्रंट का दौरा किया। इस दौरान दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (Irrigation and Flood Control Department) के अधिकारियों ने वहां विकसित सुविधाओं और परियोजना के मॉडल का अध्ययन किया। सरकार का लक्ष्य साबरमती परियोजना की बेहतर व्यवस्थाओं को अपनाते हुए उन्हें दिल्ली की स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप लागू करना है। हालांकि, यमुना रिवरफ्रंट का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके साथ नदी में गिरने वाले सीवेज के उपचार और जल गुणवत्ता में सुधार पर भी जोर दिया जाएगा।
ढाई साल में यमुना साफ होने की उम्मीद
सरकार के मुताबिक, दिल्ली के 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में से 28 को पिछले 18 महीनों में अपग्रेड किया गया है, जबकि प्रतिदिन 250 मिलियन गैलन (MGD) अतिरिक्त सीवेज उपचार क्षमता विकसित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य 100 प्रतिशत सीवेज का उपचार करना है, ताकि यमुना में जाने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके। सरकार को उम्मीद है कि लगभग ढाई साल में नदी के पानी की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार दिखाई देने लगेगा। दिल्ली में यमुना का प्रवाह लगभग 52 किलोमीटर तक है, जबकि वजीराबाद से ओखला बैराज (Okhla Barrage) के बीच 22 किलोमीटर के हिस्से को विशेष रूप से सुधार के लिए चिन्हित किया गया है। अब सलाहकारों की नियुक्ति और साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के साथ समझौते को अंतिम रूप देने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
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