Delhi NCR में वायु प्रदूषण में सुधार, सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-4 प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (06 दिसंबर 2024): सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए GRAP-4 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को हटाने की अनुमति दे दी है। अदालत ने गुरुवार को यह आदेश तब दिया जब एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने प्रदूषण के घटते स्तर और AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) के सुधार पर आधारित रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की।

क्या है GRAP-4?

GRAP-4 वह आपातकालीन स्तर है जो तब लागू किया जाता है जब AQI 450 से अधिक हो जाता है। इसके तहत सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, स्कूलों को बंद करना, और वाहनों के लिए सख्त नियम जैसे सम-विषम योजना लागू की जाती है। दिल्ली में डीजल ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर रोक भी इसका हिस्सा होती है।

300 के नीचे आया AQI, प्रदूषण में सुधार जारी

CAQM द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर में लगातार गिरावट आई है। 4 दिसंबर तक AQI 300 के नीचे पहुंच चुका है, जो GRAP-4 को हटाने के लिए पर्याप्त आधार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्थिति में सुधार को ध्यान में रखते हुए GRAP-4 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को हटाया जा सकता है, लेकिन वायु गुणवत्ता पर सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है।

GRAP-4 हटने के बावजूद सख्ती जारी रहेगी

हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदूषण से निपटने के लिए GRAP-2 के स्तर से नीचे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता में गिरावट की स्थिति में तुरंत कदम उठाने के लिए तैयार रहना होगा।

सुप्रीम कोर्ट का बयान

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण स्तर में सुधार को देखते हुए GRAP-4 को हटाना उचित है। लेकिन वायु गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में स्थिति बिगड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके।”

अब क्या बदलेगा?

GRAP-4 हटने से अब दिल्ली-एनसीआर में निम्नलिखित बदलाव होंगे:

1. निर्माण और विध्वंस कार्यों पर लगी रोक हटाई जाएगी।

2. डीजल ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर से प्रतिबंध हटेगा।

3. स्कूल और कार्यालय सामान्य मोड में काम कर सकेंगे।

4. सम-विषम वाहन योजना की जरूरत खत्म होगी।

 

यह फैसला न केवल प्रदूषण स्तर में सुधार का संकेत देता है बल्कि दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सामान्य जीवन की ओर लौटने का मौका भी देता है। हालांकि, प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर सतर्कता बनाए रखना अभी भी जरूरी है।।

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