इंडिया मोबाइल कांग्रेस के मंच से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, ग्लोबल टेलीकॉम लीडर बनने की ओर भारत
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (08 October 2026): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए भारत की टेलीकॉम और डिजिटल यात्रा की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में डिजिटल डिवाइड को कम करने और आधुनिक तकनीक को आम नागरिक तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश के हर जिले तक 5G कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है और भारत में साढ़े पांच लाख से अधिक बेस स्टेशन 5G नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। उनके मुताबिक 2022 की तुलना में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड भी करीब 10 गुना बढ़ी है। पीएम मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस पिछले 10 वर्षों में भारत की प्रगति, तकनीकी क्षमता और भविष्य के सपनों का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लिए टेलीकॉम केवल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम, टावर और इंटरनेट स्पीड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गुड गवर्नेंस और नागरिकों की सुविधा का अहम माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के केंद्र में मोबाइल फोन को रखकर तकनीक के लोकतंत्रीकरण की दिशा में काम किया गया। टेलीकॉम सेक्टर में सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और देश में मोबाइल फोन तथा टेलीकॉम हार्डवेयर के निर्माण पर जोर दिया गया। पीएम मोदी के मुताबिक इसका सीधा फायदा आम नागरिक को मिला है और मोबाइल कनेक्टिविटी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, भुगतान और सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कोविड काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब बहुत कुछ रुक गया था, तब भी भारत में बैंकिंग, पढ़ाई और दफ्तरों का काम डिजिटल कनेक्टिविटी के जरिए जारी रहा।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल गवर्नेंस के प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि आज सरकार की सैकड़ों सेवाएं मोबाइल फोन पर उपलब्ध हैं और सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंच रही है। उन्होंने दावा किया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से करीब 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों तक पहुंचाए गए और लगभग 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए। पीएम मोदी ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में सरकारी धन का बड़ा हिस्सा लीकेज में चला जाता था, लेकिन डिजिटल व्यवस्था ने इसे रोकने में मदद की है। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि का भी उल्लेख किया और कहा कि अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है और इसकी जानकारी मोबाइल फोन पर मिलती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल तकनीक ने लोगों के लिए कम यात्रा, कम इंतजार, कम लागत और ज्यादा सुविधा सुनिश्चित की है।
पीएम मोदी ने कहा कि टेलीकॉम क्रांति का असर केवल सरकारी सेवाओं तक नहीं रहा, बल्कि इससे गेमिंग, सोशल मीडिया, ओटीटी और कंटेंट क्रिएशन जैसे नए क्षेत्रों का भी विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत में 50 करोड़ से ज्यादा लोग किसी न किसी रूप में गेमिंग इकोसिस्टम से जुड़े हैं और इसमें टियर-2 तथा टियर-3 शहरों के युवाओं की भी बड़ी भागीदारी है। अब मोबाइल फोन केवल गेम खेलने का माध्यम नहीं बल्कि गेमिंग कंटेंट बनाने और नए कारोबार खड़े करने का साधन भी बन गया है। इसी तरह सस्ते डेटा और बेहतर कनेक्टिविटी ने वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और क्षेत्रीय ओटीटी को गांव-कस्बों तक पहुंचाया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक इससे भाषा और भौगोलिक सीमाएं कमजोर हुई हैं और कंटेंट क्रिएशन का लोकतंत्रीकरण हुआ है।
प्रधानमंत्री ने टेलीकॉम और डिजिटल तकनीक की बढ़ती भूमिका के बीच साइबर सुरक्षा और डिजिटल भरोसे को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए तकनीकी प्रोटोकॉल से ज्यादा जरूरी यह भरोसा है कि फोन करने वाला व्यक्ति कौन है, आया हुआ संदेश असली है या फर्जी, डिजिटल भुगतान सुरक्षित है या नहीं और ऑनलाइन साझा किया गया डेटा सुरक्षित रहेगा या नहीं। पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक तभी बड़े स्तर पर स्वीकार की जा सकती है, जब वह लोगों का भरोसा हासिल करे। उन्होंने साइबर फ्रॉड, साइबर अपराध और डीपफेक जैसी सीमापार चुनौतियों का जिक्र करते हुए वैश्विक फ्रेमवर्क की जरूरत बताई। उन्होंने GSMA और दुनिया भर के टेलीकॉम ऑपरेटरों से ऐसा ग्लोबल मैकेनिज्म तैयार करने का आग्रह किया, जो धोखाधड़ी को लोगों तक पहुंचने से पहले ही रोकने में मदद कर सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल टेलीकॉम सेवाओं का बड़ा उपभोक्ता बनने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उत्पाद, डिजाइन, तकनीक और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने टेलीकॉम सेक्टर में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने कानूनों को आधुनिक बनाया जा रहा है और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट के जरिए आधुनिक नियामकीय ढांचा तैयार किया गया है। एजीआर और बैंक गारंटी जैसे संरचनात्मक बोझ को तर्कसंगत बनाने तथा गतिशक्ति संचार पोर्टल के जरिए राइट ऑफ वे मंजूरियों को डिजिटल और तेज बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र का भी उल्लेख किया और कहा कि देश में पांच स्थानों पर व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में पूरी सप्लाई चेन पर ध्यान दिया जाएगा।
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस को केवल नई तकनीकों के प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि नई साझेदारियों, रिसर्च प्रोजेक्ट्स, उत्पादों और ऐसे नवाचारों के लिए याद किया जाना चाहिए जो भारत से निकलकर पूरी मानवता की सेवा करें। उन्होंने कहा कि भारत ने Consumer से Creator बनने की यात्रा पूरी की है और अब देश उस दिशा में बढ़ रहा है जहां टेक्नोलॉजी और आईपी भी भारत में विकसित हों। प्रधानमंत्री ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस को टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इंडस्ट्री, इन्वेस्टमेंट और आइडिया का जंक्शन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मंच से निकलने वाली साझेदारियां और नवाचार विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
टिप्पणियाँ बंद हैं।