कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से MSME उद्योगों पर बढ़ा संकट, तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग

टेन न्यूज नेटवर्क

Greater Noida News (01/10/2026): कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों और कार्यशील पूंजी की कमी के चलते गौतम बुद्ध नगर के MSME उद्योगों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA), गौतम बुद्ध नगर के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने सरकार और जिला प्रशासन से इस स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

अमित कुमार उपाध्याय ने कहा कि जिले में कोरुगेटेड बॉक्स, पैकेजिंग, प्लास्टिक, पॉलीबैग, फोम, इंजीनियरिंग और अन्य सूक्ष्म एवं लघु उद्योग लगातार बढ़ती उत्पादन लागत से प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले डेढ़ से दो महीनों के दौरान क्राफ्ट पेपर की कीमतों में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इसके अलावा पॉलीमर, प्लास्टिक दाना, स्टील, कॉपर और एल्युमिनियम सहित कई अन्य प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

हर कुछ दिनों में बढ़ रही कीमतों से बढ़ी परेशानी

IBA अध्यक्ष के मुताबिक, कई कच्चे माल की कीमतों में हर दूसरे या तीसरे दिन बदलाव हो रहा है। इससे MSME इकाइयों के लिए उत्पादन लागत का सही अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। वहीं, ग्राहकों को पहले से तय कीमत पर समय पर माल उपलब्ध कराना भी चुनौती बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों को कई बार बढ़ी हुई लागत का पूरा भार ग्राहकों पर डालना संभव नहीं होता। ऐसी स्थिति में कंपनियों को अपनी लागत और बिक्री मूल्य के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई होती है, जिसका सीधा असर उनके मुनाफे और नकदी प्रवाह पर पड़ रहा है।

पेपर निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक की मांग

अमित कुमार उपाध्याय ने जिला प्रशासन और जिला उद्योग केंद्र (DIC) से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि पेपर निर्माताओं, उनके डीलरों, संबंधित उद्योग संगठनों और MSME प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाए।

उन्होंने कहा कि इस बैठक के माध्यम से यह समझने की आवश्यकता है कि कच्चे माल की कीमतों में इतनी तेज और बार-बार वृद्धि के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या हैं। यदि बाजार में किसी प्रकार का असंतुलन या अनुचित मूल्य वृद्धि सामने आती है, तो संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

ITC में पैसा फंसने से बढ़ रही कार्यशील पूंजी की समस्या

IBA अध्यक्ष ने Input Tax Credit (ITC) से जुड़ी समस्या को भी MSME इकाइयों के लिए गंभीर वित्तीय चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में उद्योगों को 18 प्रतिशत GST पर कच्चा माल खरीदना पड़ता है, जबकि तैयार उत्पाद पर अपेक्षाकृत कम दर से GST लागू होने के कारण उनका ITC लंबे समय तक अटका रहता है।

उन्होंने कहा कि छोटी और सूक्ष्म औद्योगिक इकाइयों के पास कार्यशील पूंजी सीमित होती है। ऐसे में एक तरफ बड़ी राशि ITC के रूप में फंस जाती है और दूसरी तरफ कच्चे माल की कीमत लगातार बढ़ती रहती है। इससे उद्योगों का कैश फ्लो और दैनिक संचालन दोनों प्रभावित होते हैं।

ग्राहकों को बनाए रखने के लिए घाटे में उत्पादन का दावा

अमित कुमार उपाध्याय के अनुसार, बढ़ती लागत के बावजूद कई MSME इकाइयां अपने पुराने ग्राहकों और बाजार को बनाए रखने के लिए कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी नहीं कर पा रही हैं। परिणामस्वरूप कुछ उद्योगों को सीमित मार्जिन या घाटे में भी उत्पादन करना पड़ रहा है।

उन्होंने चिंता जताई कि यदि कच्चे माल की कीमतों में लगातार वृद्धि, ITC के लंबे समय तक अटके रहने और कार्यशील पूंजी की कमी की स्थिति बनी रही, तो कई छोटी औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ने की आशंका है।

सरकार से ITC रिफंड और राहत उपायों की मांग

इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और जिला उद्योग केंद्र से MSME उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए कई कदम उठाने की मांग की है।

एसोसिएशन के प्रमुख सुझावों में ITC रिफंड प्रक्रिया को सरल, समयबद्ध और पारदर्शी बनाना, लंबित रिफंड के निस्तारण के लिए विशेष शिविर आयोजित करना, MSME इकाइयों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी सहायता देना और आवश्यक नीतिगत राहत प्रदान करना शामिल है।

“MSME लाखों परिवारों की आजीविका का आधार”

अमित कुमार उपाध्याय ने कहा कि MSME क्षेत्र केवल कारोबार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से समय रहते ठोस कदम उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा, MSME उद्योग केवल व्यापार नहीं हैं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। यदि समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो अनेक छोटी इकाइयों के अस्तित्व पर संकट आ सकता है। इसका असर रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास पर भी पड़ेगा। इसलिए सरकार और प्रशासन को इस गंभीर विषय पर तत्काल ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने चाहिए।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.

टिप्पणियाँ बंद हैं।