New Delhi News (18 August 2026): दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय में प्रोफेसर के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। मामले में पीएचडी शोधार्थी शुभम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में उसके प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। प्रशासन के मुताबिक, यह कार्रवाई घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद की गई है। घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षकों की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कथित घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे उमंग भवन में हुई थी। विधि संकाय के प्रोफेसर अनुपम झा के साथ कथित मारपीट को लेकर मौरिस नगर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। शुभम सिंह ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में विधि संकाय में पीएचडी शोधार्थी के तौर पर दाखिला लिया था। विश्वविद्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस शिकायत के साथ-साथ अपने स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
निलंबन आदेश के तहत शुभम सिंह को विधि संकाय से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और अगले आदेश तक विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के बीच अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी तरह के हिंसक या अनुशासनहीन व्यवहार को नियमों के तहत गंभीरता से लिया जाता है। अब पुलिस जांच के साथ विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।
घटना के बाद शिक्षक संगठनों ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (INTEC) और दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (DUTA) की ओर से कुलपति को पत्र लिखकर घटना पर चिंता जताई गई है। शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो विश्वविद्यालय के नियमों और लागू प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य संबंधित साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
शिक्षक संगठनों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग परिसरों में शिक्षकों की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करना जरूरी है। इसी दिशा में शिक्षकों की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का सुझाव भी दिया गया है।
वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच के लिए एक जांच समिति का गठन कर दिया है। प्रॉक्टर कार्यालय के नोटिस के अनुसार, समिति मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंपेगी। समिति में रसायन विभाग के प्रोफेसर राजीव गुप्ता को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि इतिहास विभाग के प्रोफेसर विपुल सिंह और हिंदी विभाग की प्रोफेसर सुधा सिंह सदस्य हैं। अब जांच समिति की रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल छात्र के निलंबन और कैंपस प्रवेश पर रोक का फैसला प्रभावी है।
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