12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी 22 राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (06 अगस्त 2026): भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा और बुनकरों के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से वस्त्र मंत्रालय 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र (RBCC) में 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का भव्य आयोजन करेगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और वर्ष 2025 के संत कबीर हथकरघा पुरस्कार एवं राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, वस्त्र राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा, वरिष्ठ अधिकारी, सांसद, डिजाइनर, मास्टर बुनकर, निर्यातक तथा देशभर से आए कारीगर भी उपस्थित रहेंगे।
22 प्रतिष्ठित पुरस्कारों से होगा सम्मान
समारोह का मुख्य आकर्षण 22 राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण होगा। इनमें 3 संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और 19 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार शामिल हैं। ये सम्मान उत्कृष्ट बुनाई, नवाचार, डिज़ाइन विकास, विपणन पहल, स्टार्ट-अप उद्यमों और उत्पादक कंपनियों के उल्लेखनीय योगदान को मान्यता देने के लिए प्रदान किए जाएंगे।
राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत दिए जाने वाले ये पुरस्कार हथकरघा क्षेत्र के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मानों में गिने जाते हैं। पुरस्कार विजेताओं का चयन विशेषज्ञ समितियों द्वारा बहु-स्तरीय एवं पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है।
संत कबीर पुरस्कार: कारीगरी का सर्वोच्च सम्मान
संत कबीर हथकरघा पुरस्कार को देश के हथकरघा बुनकरों के लिए सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह उन कारीगरों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने जीवनभर असाधारण कारीगरी, समर्पण और भारत की पारंपरिक बुनाई कला के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वहीं राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार उन बुनकरों और संबंधित हितधारकों को दिया जाता है जिन्होंने पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ते हुए गुणवत्ता, रचनात्मकता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है
जारी होंगे चार स्मारक डाक टिकट
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह के दौरान भारत की विविध हथकरघा परंपराओं को समर्पित चार स्मारक डाक टिकट भी जारी किए जाएंगे। इसके अलावा “अर्थ. रूट. थ्रेड – ऑल डाइड हैंडलूम टेक्सटाइल्स ऑफ सेंट्रल इंडिया” तथा “हैंडलूम अवार्ड्स बुक 2025” का विमोचन भी किया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल पर पुरस्कार विजेता हथकरघा उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही पारंपरिक कानी बुनाई और वॉल हैंगिंग बुनाई का लाइव प्रदर्शन भी होगा, जिससे आगंतुक भारतीय हथकरघा कला की विविधता और उत्कृष्ट कारीगरी को करीब से देख सकेंगे।
देशभर में होंगे विशेष आयोजन
राष्ट्रीय समारोह के साथ-साथ देशभर में भी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में प्रदर्शनियां, डिजाइनर सम्मेलन, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIHT) के कार्यक्रम और जन-जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य हथकरघा उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध कराना, युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ना तथा पारंपरिक शिल्प को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बढ़ावा देना है, ताकि बुनकर समुदाय की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सके।
35 लाख से अधिक लोगों की आजीविका का आधार
भारत का हथकरघा क्षेत्र आज भी ग्रामीण रोजगार का सबसे बड़ा और टिकाऊ स्रोत बना हुआ है। यह 35 लाख से अधिक लोगों की आजीविका का आधार है, जिनमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं शामिल हैं।
गौरतलब है कि हर वर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 1905 के स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है। वर्ष 2015 में इसकी शुरुआत के बाद से यह दिवस देश के बुनकरों की कला, मेहनत और समर्पण को सम्मानित करने के साथ-साथ भारत की समृद्ध वस्त्र विरासत के संरक्षण एवं सतत विकास के संकल्प को भी नई मजबूती प्रदान करता आ रहा है।
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।