‘Weave The Future 4.0’ का आगाज़: टेक्सटाइल वेस्ट से सतत भविष्य की ओर बढ़ा भारत

 

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (14 जुलाई 2026): नई दिल्ली के दिल्ली हाट (INA) में वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा आयोजित ‘Weave The Future 4.0 – Upcycling Edition’ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रदर्शनी का दौरा करते हुए भारत को वैश्विक स्तर पर सतत (Sustainable) और जिम्मेदार टेक्सटाइल इकोसिस्टम का अग्रणी देश बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रदर्शनी के दौरान वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शामी राव, विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) अमृत राज, यूरोपीय संघ के मंत्री काउंसलर एवं हेड ऑफ सस्टेनेबल मॉडर्नाइजेशन थॉमस मैक्लेनेघन सहित मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि तेजी से बढ़ती टेक्सटाइल खपत के बीच सर्कुलर इकोनॉमी, जिम्मेदार उत्पादन और टेक्सटाइल वेस्ट को मूल्यवान संसाधनों में बदलने वाले नवाचारों को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘Weave The Future 4.0’ जैसे मंच उद्यमिता, नवाचार और स्थिरता को एक साथ लाकर आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

12 से 17 जुलाई 2026 तक चलने वाली इस छह दिवसीय प्रदर्शनी में देशभर से 100 से अधिक ब्रांड, कारीगर, डिजाइनर, स्टार्टअप, रीसाइक्लर और थ्रिफ्ट कलेक्टिव्स भाग ले रहे हैं। यहां अपसाइक्लिंग, रीसाइक्लिंग, रिपेयर, री-परपोजिंग और सर्कुलर डिजाइन से जुड़े अभिनव उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना ने कहा कि ‘Weave The Future’ अब एक राष्ट्रीय मंच बन चुका है, जो भारत की समृद्ध हथकरघा एवं शिल्प परंपरा को टेक्सटाइल वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े आधुनिक नवाचारों के साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा कि युवाओं और स्टार्टअप्स की बढ़ती भागीदारी देश में सतत उपभोग और संसाधनों के कुशल उपयोग के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है।

प्रदर्शनी में आगंतुकों के लिए अपसाइक्ल्ड एवं रीसाइक्ल्ड उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन, रिपेयर एवं रीसाइक्लिंग डेमो, कार्यशालाएं तथा सर्कुलर फैशन और जिम्मेदार उपभोग पर विशेष चर्चाओं का आयोजन भी किया जा रहा है।

इसी क्रम में ‘Marammat’ कार्यशाला का आयोजन 13 जुलाई को किया गया, जिसे 17 जुलाई को दोबारा आयोजित किया जाएगा। ‘Rafooghar’ के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में कपड़ों की मरम्मत, पुनः उपयोग और रचनात्मक पुनर्निर्माण के माध्यम से स्थिरता तथा जिम्मेदार उपभोग का संदेश दिया जा रहा है।

‘Weave The Future’ पहल का उद्देश्य भारत की पारंपरिक शिल्प विरासत, नवाचार और सर्कुलर अर्थव्यवस्था को एक मंच पर लाकर जिम्मेदार उत्पादन एवं उपभोग को बढ़ावा देना है, ताकि देश एक अधिक टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और संसाधन-सक्षम भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सके।


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