मोबाइल से चलती ई-रिक्शा रोकने का दावा! Bluetooth BMS बना खतरा? जानिए पूरा मामला और सरकार ने क्या उठाए कदम
टेन न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली (03 July 2026): देश के कई हिस्सों में सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि एक व्यक्ति मोबाइल फोन से चलते हुए ई-रिक्शा को अचानक रोक देता है। इन वीडियो ने ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मामला कुछ Lithium-ion बैटरी वाले ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले Bluetooth Battery Management System (BMS) से जुड़ा हो सकता है।
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में दिखाया जा रहा है कि मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी का Discharge Switch बंद कर दिया जाता है। ऐसा होते ही बैटरी से मोटर की पावर सप्लाई रुक जाती है और ई-रिक्शा चलती हालत में भी रुक जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी बैटरी के Bluetooth BMS में पर्याप्त सुरक्षा (पासवर्ड या ऑथेंटिकेशन) नहीं है, तो Bluetooth रेंज में मौजूद कोई भी व्यक्ति उससे कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है।
कैसे काम करता है Bluetooth BMS?
नई पीढ़ी की कई Lithium-ion बैटरियों में Battery Management System (BMS) लगाया जाता है, जो बैटरी की स्थिति, तापमान, वोल्टेज और अन्य तकनीकी पैरामीटर की निगरानी करता है।
इसके लिए BAT-BMS, Lossigy जैसे मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाता है। यदि Bluetooth पहले से सक्रिय हो और डिफॉल्ट पासवर्ड या बिना पासवर्ड की व्यवस्था हो, तो अनधिकृत कनेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
‘Kill Switch’ कैसे करता है काम?
यदि कोई व्यक्ति BMS ऐप के माध्यम से बैटरी से कनेक्ट हो जाए और Discharge Switch को बंद कर दे, तो बैटरी की आउटपुट सप्लाई कट सकती है। इससे ई-रिक्शा तुरंत रुक सकता है। कई मामलों में केवल चाबी घुमाने से वाहन दोबारा स्टार्ट नहीं होता, बल्कि बैटरी को ऐप के जरिए फिर से सक्रिय करना पड़ता है।
हालांकि, यह स्थिति हर ई-रिक्शा या हर बैटरी मॉडल पर लागू नहीं होती। यह संबंधित BMS की डिजाइन और सुरक्षा फीचर्स पर निर्भर करता है।
ई-रिक्शा चालक क्या करें?
विशेषज्ञ निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं-
Bluetooth BMS का डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें।
यदि बैटरी में Remote Control या App Lock का विकल्प उपलब्ध हो तो उसे सक्रिय करें।
जरूरत न होने पर Bluetooth मॉड्यूल को तकनीशियन से डिस्कनेक्ट या निष्क्रिय कराएं।
केवल अधिकृत ऐप और अधिकृत तकनीशियन की मदद से बैटरी सेटिंग्स बदलें।
सरकार ने क्या कार्रवाई की?
सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद सरकार ने कथित रूप से उन दो मोबाइल ऐप्स को हटाने की कार्रवाई की है, जिनका उपयोग दूर से बैटरी कंट्रोल करने के लिए किया जा रहा था। साथ ही यह भी कहा गया है कि इस मुद्दे को ऐप स्टोर संचालकों और संबंधित कंपनियों के साथ उठाया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसे ऐप्स का दुरुपयोग रोका जा सके।
क्या सभी ई-रिक्शा प्रभावित हैं?
नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार-
पुरानी Lead-Acid Battery वाले अधिकांश ई-रिक्शा इस समस्या से प्रभावित नहीं माने जा रहे हैं, क्योंकि उनमें Bluetooth BMS नहीं होता।
कई आधुनिक Lithium-ion बैटरियों में मजबूत पासवर्ड, एन्क्रिप्शन और सिक्योरिटी सिस्टम दिए जाते हैं, जिससे बाहरी व्यक्ति आसानी से कनेक्ट नहीं हो सकता।
निष्कर्ष
मोबाइल से ई-रिक्शा रोकने के वायरल वीडियो ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि यह खतरा सभी ई-रिक्शाओं पर लागू नहीं होता, लेकिन जिन बैटरियों में Bluetooth आधारित BMS मौजूद है, उनके निर्माताओं और उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा सेटिंग्स पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत साइबर सुरक्षा, सुरक्षित BMS डिजाइन और समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट से इस तरह के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।।
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