ई-रजिस्ट्री के विरोध में वकीलों का उग्र प्रदर्शन, ठप पड़ी रजिस्ट्रियां; करोड़ों के राजस्व नुकसान का दावा
टेन न्यूज नेटवर्क
Greater Noida News (19/06/2026): उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित नई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में ग्रेटर नोएडा, दादरी, जेवर समेत प्रदेश के कई जिलों में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों (डीड राइटर्स) और स्टांप विक्रेताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। नई व्यवस्था के विरोध में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते कई रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हड़ताल के कारण सरकार को अब तक लगभग 70 से 80 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है।
शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर गामा स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से परी चौक तक अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स ने विरोध मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के राजस्व मंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया।
अधिवक्ता एवं डीड राइटर्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से लाखों लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका आरोप है कि इस व्यवस्था के कारण अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, स्टांप वेंडरों, फोटोग्राफरों, टाइपिस्टों और मुंशियों के रोजगार पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि सरकार धीरे-धीरे रजिस्ट्री प्रक्रिया को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है, जिससे भ्रष्टाचार और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है।
वहीं, सरकार के स्टांप एवं पंजीकरण विभाग का तर्क है कि डिजिटल और पेपरलेस ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी। विभाग के अनुसार नई प्रणाली के तहत पक्षकारों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में तैयार कर पूर्व सत्यापन (प्री-वेरिफिकेशन) के लिए ऑनलाइन भेजा जाएगा, स्टांप शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन होगा और पक्षकारों को केवल फोटो तथा डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कार्यालय जाना पड़ेगा। रजिस्ट्री पूर्ण होने के बाद दस्तावेजों की प्रति सीधे ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध करा दी जाएगी।
विवाद बढ़ने के बाद महानिरीक्षक निबन्धन कार्यालय, लखनऊ की ओर से एक स्पष्टीकरण जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों के बीच जमीन, मकान और संपत्ति की सामान्य खरीद-फरोख्त से संबंधित रजिस्ट्रियों पर फिलहाल पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। नई ई-रजिस्ट्रेशन प्रणाली केवल विकास प्राधिकरणों, आवास विकास परिषदों और विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित संपत्तियों के आवंटन पत्रों एवं प्रथम हस्तांतरण (फर्स्ट ट्रांसफर) तक सीमित रहेगी।
हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बावजूद आंदोलनकारी संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार इस व्यवस्था को पूरी तरह वापस लेने अथवा उनकी आशंकाओं को दूर करने संबंधी लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ऐसे में प्रदेश के कई रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहने की संभावना बनी हुई है, जिसका असर आम जनता और राजस्व संग्रह दोनों पर पड़ रहा है।
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