मुरादाबाद विश्व व्यापार मानचित्र पर उभरता सितारा, ODOP ने दी नई पहचान : डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया
TEN NEWS NETWORK
मुरादाबाद | 13 जून 2026 : यंग एंटरप्रेनियर्स सोसाइटी (YES) द्वारा आयोजित “Industry Connect & Honouring Excellence 2026” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया (IAS) ने मुरादाबाद की औद्योगिक विरासत, भारत के गौरवशाली व्यापारिक इतिहास और आधुनिक उद्योगों की संभावनाओं पर प्रेरणादायक संबोधन दिया।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कार्यक्रम के सह-मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, विधायक श्री रितेश गुप्ता, महापौर श्री विनोद अग्रवाल, ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ नीरज खन्ना , डॉक्टर राकेश कुमार , उद्योगपतियों, व्यापारियों, पुरस्कार विजेताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

मुरादाबाद केवल शहर नहीं, विश्व व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र
डॉ. पेंसिया ने कहा कि मुरादाबाद कोई सामान्य शहर नहीं है। यहां से प्रतिवर्ष 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होता है और 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश (MoUs) हस्ताक्षरित हुए हैं, जिनमें से लगभग 9 हजार करोड़ रुपये के समझौते क्रियान्वित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पीतल नगरी आज मेटल नगरी के रूप में वैश्विक व्यापार मानचित्र पर तेजी से उभर रही है।
भारतीय परंपरा में सदियों पुरानी है धातुकला
उन्होंने ऋग्वेद के पुरुषसूक्त का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में धातुकला और उद्योग की परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है। उन्होंने कहा कि कर्मयोगी और उद्यमी नए मार्ग खोजकर समाज और राष्ट्र को समृद्ध बनाने का कार्य करते हैं तथा मुरादाबाद के उद्योगपति उसी परंपरा के वाहक हैं।
‘Drain of Wealth’ का किया उल्लेख
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने अर्थशास्त्री उत्सा पटनायक की पुस्तक का उल्लेख करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने 1765 से 1938 के बीच भारत से लगभग 45 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति बाहर ले जाकर देश की आर्थिक शक्ति को कमजोर किया।
उन्होंने कहा कि आज भारत 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था और उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है, जबकि एक समय भारत विश्व व्यापार में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता था और सदियों तक विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था रहा।
अपने इतिहास और ज्ञान पर गर्व करने की जरूरत
डॉ. पेंसिया ने कहा कि यदि हम अपने इतिहास और परंपराओं का अध्ययन नहीं करेंगे तो दूसरों के बनाए नैरेटिव में उलझ जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार भाषा बदल देने से व्यक्ति निरक्षर नहीं हो जाता, उसी प्रकार अंग्रेजों ने भारतीय कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प और पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को व्यवस्थित रूप से कमतर साबित करने का प्रयास किया।
बदलती मांग के साथ बदल रही है मुरादाबाद की इंडस्ट्री
उन्होंने कहा कि समय के साथ बाजार की मांग बदलती है और मुरादाबाद के उद्योगों ने भी स्वयं को बदलते हुए पीतल से आगे बढ़कर विभिन्न प्रकार के मेटल, वैक्स, फर्नीचर और अन्य उत्पादों में अपनी पहचान बनाई है। यह विविधीकरण उद्योग को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।
पद्मश्री सम्मानित हस्तियों की सराहना
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित पद्मश्री सम्मानित हस्तियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व उत्कृष्टता की जीवंत मिसाल हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
Industry Connect ही सफलता का मंत्र
उन्होंने कहा कि “Industry Connect” केवल कार्यक्रम का नाम नहीं बल्कि व्यापार का सबसे बड़ा सिद्धांत है। जब उद्योगपति, निर्माता, निर्यातक और उद्यमी एक-दूसरे से जुड़ते हैं, तभी मजबूत सप्लाई चेन, बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज विकसित होते हैं और उद्योग नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है।
ODOP ने दिलाई वैश्विक पहचान
डॉ. पेंसिया ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की One District One Product (ODOP) योजना ने प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि आज यदि मेटल हैंडीक्राफ्ट की बात होती है तो सबसे पहले मुरादाबाद का नाम सामने आता है। ODOP ने जिले के उत्पादों को नई पहचान, सम्मान और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराया है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने उद्योग जगत से नवाचार, सहयोग और उत्कृष्टता की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि मुरादाबाद आने वाले समय में भारत की औद्योगिक और निर्यात अर्थव्यवस्था का और भी मजबूत केंद्र बनेगा।
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।