CJP Protest Jantar Mantar: धरना खत्म, सियासत तेज: बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने कसा तंज
टेन न्यूज नेटवर्क
New Delhi News (06 June 2026): दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार सुबह करीब 6 बजे से शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का धरना प्रदर्शन शाम तक लगातार जारी रहा। दिनभर पार्टी के संस्थापक और उनके समर्थक केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाते रहे। प्रदर्शन के दौरान युवाओं से बड़ी संख्या में आंदोलन से जुड़ने की अपील भी की गई और कहा गया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर यह लड़ाई किसी एक दिन की नहीं बल्कि लंबी लड़ाई होगी। प्रदर्शन का निर्धारित समय शाम 5 बजे तक था, जिसके बाद मंच से आगे की रणनीति का भी ऐलान किया गया।
धरना समाप्त होने से पहले आंदोलन के नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर जारी रहेगा। मंच से घोषणा की गई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन खत्म नहीं होगा और अगले शनिवार को एक बार फिर जंतर-मंतर पर इसी तरह का धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही देशभर के युवाओं से इस मुहिम में शामिल होने का आह्वान किया गया और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन देने की अपील की गई।

धरना समाप्त होने के बाद शाम होते-होते इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने आंदोलन पर निशाना साधते हुए कहा, “कुछ लोग विदेश में बैठकर सोच लेते हैं कि हम भारत के युवाओं को दिशा दे देंगे। भारत का युवा किसान के साथ चौपाल में रहता है, कोचिंग इंस्टिट्यूट में रहता है, कॉलेज कैंपस में रहता है, लेकिन भारत का युवा दिल्ली में बैठे कुछ लोगों की कठपुतली बनकर आगे नहीं बढ़ने वाला। डिजिटल का उपयोग सकारात्मक रूप से हो सकता है, लेकिन डिजिटल का उपयोग क्रांति को नकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए नहीं हो सकता।”
बीजेपी की इस प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक हलकों में यह संदेश गया कि फिलहाल केंद्र सरकार या केंद्रीय शिक्षा मंत्री के स्तर पर इस्तीफे की मांग को स्वीकार किए जाने के कोई संकेत नहीं हैं। ऐसे में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से चलाया जा रहा यह आंदोलन फिलहाल अपने घोषित उद्देश्य को हासिल करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि आंदोलन के आयोजकों ने साफ कर दिया है कि वे पीछे हटने के मूड में नहीं हैं और आने वाले दिनों में इसे और व्यापक रूप देने की तैयारी करेंगे।
अब सबकी नजर अगले शनिवार पर टिकी हुई है, जब कॉकरोच जनता पार्टी ने दोबारा जंतर-मंतर पर धरना देने का ऐलान किया है। राजनीतिक विश्लेषकों की निगाह इस बात पर भी रहेगी कि अगली बार आंदोलन में कितनी भीड़ जुटती है, क्या नई रणनीति सामने आती है और सरकार या सत्तारूढ़ दल की ओर से उस पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया दी जाती है। फिलहाल शनिवार का यह धरना राजनीतिक बयानबाजी और आगामी रणनीतिक टकराव की नई पृष्ठभूमि तैयार करता नजर आ रहा है।
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