बिजली बचत पर सख्त हुई दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों के लिए जारी किए निर्देश

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (29 May 2026): देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों में बिजली की बर्बादी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी आदेश में सभी विभागाध्यक्षों, स्वायत्त निकायों और स्थानीय निकायों को अपने कार्यालयों में बिजली की खपत कम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि अब दफ्तरों में अनावश्यक लाइटिंग, जरूरत से ज्यादा कूलिंग और बेवजह बिजली उपकरण चलाने पर रोक लगाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य ऊर्जा संरक्षण के जरिए खर्च कम करना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई है ताकि आने वाले समय में बिजली बचत को लेकर एक मजबूत व्यवस्था बनाई जा सके।

प्राकृतिक रोशनी के इस्तेमाल पर जोर, बेवजह जलती लाइटें होंगी बंद

दिल्ली सरकार ने दिन के समय प्राकृतिक रोशनी के अधिकतम इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है। आदेश में कहा गया है कि जिन कमरों और कार्यालयों में पर्याप्त धूप या प्राकृतिक रोशनी उपलब्ध है, वहां अतिरिक्त लाइटें जलाने से बचा जाए। गलियारों, कॉरिडोर और बड़े ऑफिस परिसरों में भी केवल जरूरत के मुताबिक ही लाइटें चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि छोटी-छोटी सावधानियों से बड़ी मात्रा में बिजली बचाई जा सकती है। इसके साथ ही मास्टर स्विच लगाने की सलाह भी दी गई है, ताकि कार्यालय समय समाप्त होने के बाद एक साथ सभी बिजली उपकरण बंद किए जा सकें और अनावश्यक बिजली खपत रोकी जा सके।

एयर कंडीशनर के लिए तय हुआ तापमान

सरकार ने सरकारी दफ्तरों में एयर कंडीशनर के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक सभी एसी 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच ही चलाए जाएंगे। जरूरत से ज्यादा कूलिंग को ऊर्जा की बर्बादी मानते हुए उस पर रोक लगाने की बात कही गई है। इसके अलावा कार्यालय बंद होने के बाद एसी, कूलर, कंप्यूटर, प्रिंटर और फोटोकॉपी मशीन जैसे सभी उपकरणों को पूरी तरह बंद करना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अक्सर दफ्तरों में काम खत्म होने के बाद भी कई उपकरण चालू रह जाते हैं, जिससे भारी मात्रा में बिजली खर्च होती है। नई व्यवस्था के जरिए इस अनावश्यक खपत को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी।

प्रधानमंत्री की अपील के बाद सरकार ने बढ़ाई सख्ती

दिल्ली सरकार ने अपने आदेश में प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन और ऊर्जा बचाने की अपील का भी उल्लेख किया है। सरकार ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण बेहद जरूरी हो गया है और सभी सरकारी संस्थानों को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विभागों में बिजली बचत को लेकर नियमित निगरानी करें और कर्मचारियों को भी जागरूक बनाएं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और रिपोर्टिंग व्यवस्था भी लागू की जा सकती है। सरकार इसे केवल प्रशासनिक आदेश नहीं बल्कि जनहित और राष्ट्रीय संसाधनों की सुरक्षा से जुड़ा अभियान मान रही है।

पहले भी लागू किए जा चुके हैं कई बचत अभियान

दिल्ली सरकार इससे पहले भी ईंधन और सरकारी खर्च कम करने के लिए कई कदम उठा चुकी है। मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को मेट्रो तथा सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसके अलावा कई विभागों में वर्क फ्रॉम होम, सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने जैसे उपाय भी अपनाए गए हैं। सरकार का कहना है कि ऊर्जा संरक्षण अब केवल एक विकल्प नहीं बल्कि समय की आवश्यकता बन चुका है। ऐसे में सरकारी दफ्तरों में बिजली बचत को लेकर शुरू किया गया यह अभियान आने वाले दिनों में और अधिक सख्ती के साथ लागू किया जा सकता है, ताकि संसाधनों की बचत के साथ आर्थिक दबाव को भी कम किया जा सके।


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