ग्रेटर नोएडा के विकास को नई गति देने में CEO रवि कुमार एनजी, IAS की सक्रिय भूमिका
गजानन माली
टेन न्यूज नेटवर्क
Greater Noida (28/05/2026) : इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, स्वच्छता और तकनीकी सुधारों के जरिए बदलती दिख रही ग्रेटर नोएडा की तस्वीर
Greater Noida आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। बढ़ती आबादी, औद्योगिक निवेश, आवासीय विस्तार एवं आधुनिक आधारभूत सुविधाओं की बढ़ती मांग के बीच Greater Noida Industrial Development Authority (GNIDA) द्वारा शहर के समग्र विकास हेतु विभिन्न स्तरों पर लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रवि कुमार एनजी, IAS के नेतृत्व में प्रशासनिक सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, स्वच्छता, जल प्रबंधन, औद्योगिक निवेश एवं तकनीकी नवाचारों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं निवेश-अनुकूल बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन पर विशेष जोर
ग्रेटर नोएडा को औद्योगिक एवं निवेश हब के रूप में विकसित करने के लिए प्राधिकरण लगातार नए निवेश आकर्षित करने में जुटा हुआ है। विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये के निवेश और बड़े स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाएं तैयार हुई हैं।
औद्योगिक इकाइयों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने एवं रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे ग्रेटर नोएडा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक आकर्षक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
आधारभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा कई महत्वपूर्ण सड़क एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा से हापुड़ बाईपास एवं गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली परियोजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती प्रदान करेंगी।
इसके साथ ही शहर की आंतरिक यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु विभिन्न जंक्शनों, मुख्य मार्गों, फुटपाथों, स्ट्रीट लाइट एवं ड्रेनेज व्यवस्था के सुधार पर भी कार्य किया जा रहा है। कई सेक्टरों में सड़क चौड़ीकरण एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में प्राधिकरण सक्रिय दिखाई दे रहा है।
स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन में सुधार
प्राधिकरण द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, कचरा पृथक्करण एवं स्वच्छता अभियानों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कई सेक्टरों एवं गांवों में नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था लागू की गई है। बादलपुर सहित कई क्षेत्रों में “जीरो वेस्ट मॉडल” की दिशा में भी पहल की गई है।
स्वच्छता के साथ-साथ नागरिक सहभागिता एवं जनजागरूकता पर भी विशेष बल दिया जा रहा है ताकि शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।
जल निकासी, सीवर एवं पेयजल व्यवस्था पर विशेष फोकस
शहर में जलभराव एवं सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याओं को देखते हुए ड्रेनेज एवं सीवर नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। कई क्षेत्रों में सीवर लाइन सुधार, जल निकासी व्यवस्था एवं पाइपलाइन नेटवर्क के उन्नयन की योजनाओं पर तेजी से काम जारी है।
पेयजल गुणवत्ता एवं बढ़ते TDS की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए जल आपूर्ति प्रणाली की निगरानी, पाइपलाइन सुधार तथा जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
तकनीक आधारित प्रशासन एवं पारदर्शिता
GNIDA द्वारा डिजिटल शिकायत निस्तारण, ऑनलाइन सेवाओं एवं तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। भूमि अतिक्रमण रोकने हेतु आधुनिक तकनीकों एवं AI आधारित निगरानी प्रणाली को लागू करने की दिशा में भी कार्य हो रहा है।
WhatsApp एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से नागरिक शिकायतों
प्राप्त कर उनके त्वरित समाधान का प्रयास प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ग्रीन बेल्ट, पार्क एवं पर्यावरण संरक्षण पर फोकस
शहर की हरित पहचान को मजबूत करने के लिए पार्कों, ग्रीन बेल्ट एवं सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर लगातार कार्य किया जा रहा है। पौधारोपण अभियान, पार्कों में लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था एवं हरित क्षेत्रों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
साथ ही STP संचालन, जल संरक्षण, हरित क्षेत्र विस्तार एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। प्रदूषण नियंत्रण एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान एवं सुधारात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं।
चुनौतियां अभी भी बरकरार
हालांकि विकास कार्यों के बावजूद शहर के कई क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम, सफाई व्यवस्था, शिकायत निस्तारण में देरी एवं पुराने सेक्टरों के रखरखाव जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। RWAs, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों द्वारा समय-समय पर इन मुद्दों को उठाया जाता रहा है।
नागरिकों की अपेक्षा है कि विकास कार्यों की गति और अधिक तेज हो तथा शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO रवि कुमार एनजी, IAS के नेतृत्व में शहर को आधुनिक, स्वच्छ, निवेश-अनुकूल एवं सुव्यवस्थित शहरी केंद्र बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, औद्योगिक निवेश, स्वच्छता, तकनीकी नवाचार एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में चल रही पहलें शहर के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं।
हालांकि तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के साथ चुनौतियां एवं कई शहरी समस्याएं भी बढ़ी हैं, लेकिन प्राधिकरण, नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों से ग्रेटर नोएडा को एक आदर्श, आधुनिक एवं स्मार्ट शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है।
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