दिल्ली की हवा सुधारने के लिए केंद्र का मिशन मोड, अक्टूबर तक तय हुई बड़ी डेडलाइन

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (27 May 2026): दिल्ली-एनसीआर में लगातार खराब होती हवा को लेकर अब केंद्र और दिल्ली सरकार पूरी तरह मिशन मोड में नजर आ रही हैं। भीषण गर्मी के बीच भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बने रहने के कारण केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ लंबी समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सर्दियों से पहले राजधानी की हवा को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए और अलग-अलग विभागों के लिए स्पष्ट समयसीमा तय कर दी गई। केंद्र ने साफ संकेत दिया है कि इस बार प्रदूषण नियंत्रण को केवल कागजी योजना नहीं बल्कि सख्त अमल के साथ लागू किया जाएगा।

बैठक में सबसे ज्यादा जोर सड़क की धूल को नियंत्रित करने पर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण सड़कों से उड़ने वाली धूल है, इसलिए अक्टूबर 2026 तक सभी प्रमुख सड़क पुनर्विकास कार्य पूरे किए जाएं। इसके साथ ही सितंबर तक राजधानी में 78 बड़ी मशीनीकृत सफाई मशीनें और 1000 लीटर पिकर तैनात करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के किनारे खाली पड़ी जमीनों पर बड़े स्तर पर पौधरोपण करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि धूल को नियंत्रित किया जा सके और हरित क्षेत्र बढ़ाया जा सके।

वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों पर विशेष फोकस किया गया है। केंद्र ने दिल्ली सरकार से अक्टूबर 2026 तक बसों की कमी दूर करने के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने को कहा है। इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने, शहरभर में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तैयार करने और मेट्रो की लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि यदि लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे तो राजधानी में प्रदूषण के स्तर में बड़ी कमी लाई जा सकती है।

सर्दियों में कचरा जलाने की समस्या को देखते हुए केंद्र ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में साफ कहा गया कि खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम को दिसंबर 2026 तक कचरा प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने और निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। अब हर निर्माण स्थल का महीने में कम से कम एक बार निरीक्षण अनिवार्य होगा ताकि निर्माण से फैलने वाली धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके।

औद्योगिक प्रदूषण को रोकने के लिए भी सरकार ने कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। सभी उद्योगों को ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली का डेटा सीपीसीबी सर्वर से जोड़ना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों को सील करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें शहर से बाहर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री Parvesh Sahib Singh और पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh Sirsa भी मौजूद रहे। केंद्र और दिल्ली सरकार की यह साझा रणनीति इस बात का संकेत मानी जा रही है कि इस बार सर्दियों से पहले प्रदूषण के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की तैयारी की जा रही


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