केंद्रीय बजट 2025: विपक्ष के सांसदों की प्रतिक्रियाएं, विपक्षी सांसदों ने क्या कहा
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली (01 फरवरी 2025): केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2025 पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कई नेताओं ने इसे “निराशाजनक”, “चुनावी बजट”, और “सतही घोषणाओं का पुलिंदा” करार दिया।
मध्यम वर्ग के लिए राहत नहीं: प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बजट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मध्यम वर्ग बार-बार टैक्स में छूट की मांग कर रहा था, लेकिन इसे नियम और शर्तों के जाल में उलझा दिया गया है। 0-4 लाख तक वालों को राहत दी गई, मगर 8-12 लाख आय वालों पर अब भी टैक्स का बोझ बना हुआ है। सरकार पहले घोषणा करती है और फिर नियम जोड़कर उसे जुमला बना देती है। बिहार में चुनाव हैं, इसलिए वहां फोकस रहा, लेकिन भाजपा की नीति और नीयत दोनों में कमी है।”
महंगाई और बुजुर्गों की अनदेखी: महुआ माजी
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माजी ने बजट को आंशिक रूप से अच्छा बताया, लेकिन कई मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया। “वेतनभोगी वर्ग के लिए बजट अच्छा है, लेकिन महंगाई के बारे में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 140 करोड़ की आबादी वाले देश में केवल 9 करोड़ लोग टैक्स देते हैं, बाकी लोगों की जरूरतों का क्या? खासकर बुजुर्गों के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई।”
मखाना बोर्ड: नई पैकिंग में पुरानी सामग्री – मनोज झा
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मनोज झा ने बजट में मखाना बोर्ड की घोषणा पर कटाक्ष किया। “गूगल करके देख लीजिए कि मखाना बोर्ड पहले से मौजूद था या नहीं। यह बस एक पुरानी चीज को नई पैकिंग में पेश करने जैसा है। सरकार जनता को भ्रमित कर रही है।”
4. बिहार का सिर्फ जिक्र, कोई ठोस पहल नहीं: पप्पू यादव
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और बिहार को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए। “भाजपा वही बातें बार-बार दोहराती है, लेकिन कुछ नया नहीं करती। 12 लाख तक की आय वालों को टैक्स में छूट दी, लेकिन 25 लाख आय वालों पर टैक्स 30-40% तक बढ़ा दिया। आम जनता की आजीविका और शिक्षा पर कोई चर्चा नहीं। बिहार का सिर्फ नाम लिया गया, लेकिन क्या उसे विशेष राज्य का दर्जा मिला? क्या पलायन रोकने के लिए कोई योजना बनी?”
असंवेदनशील सरकार: प्रमोद तिवारी
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। “बजट पूरी तरह निराशाजनक है। सबसे दुखद यह है कि यह सरकार अब संवेदनशील नहीं रही। महाकुंभ में कई लोगों की जान गई, लेकिन सरकार शोक प्रस्ताव तक लाने को तैयार नहीं।”
बिहार को सब कुछ, बंगाल को कुछ नहीं: अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने बजट को बिहार-केंद्रित बताया और पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। “बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। बिहार में चुनाव हैं, इसलिए पूरा फोकस वहां रखा गया। पिछले 10 साल से भाजपा सत्ता में है, लेकिन बंगाल के लिए कुछ नहीं किया गया। यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।”
कोई नई योजना नहीं, त्रासदी पर चुप्पी: डिंपल यादव
समाजवादी पार्टी (SP) सांसद डिंपल यादव ने बजट को निराशाजनक बताया और महाकुंभ त्रासदी पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया। “बजट में कुछ भी नया नहीं था। समाजवादी पार्टी मांग करती है कि सरकार महाकुंभ में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की पूरी जानकारी दे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे।”
पुराने वादों का क्या हुआ? – कार्ति चिदंबरम
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने बजट की घोषणाओं पर सवाल उठाए और सरकार की पारदर्शिता पर संदेह जताया। “सरकार हर बार नए प्रस्ताव लाती है, लेकिन हमें यह भी देखना होगा कि पिछले बजट में जो वादे किए गए थे, उनका क्या हुआ? बजट को बारीकी से देखना होगा, क्योंकि शैतान हमेशा विवरण में छिपा होता है।”
केंद्रीय बजट 2025 को लेकर विपक्ष ने महंगाई, टैक्स स्लैब, बिहार-केंद्रित घोषणाओं, और शिक्षा व रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। अधिकतर सांसदों ने इसे “निराशाजनक” करार दिया, जबकि कुछ ने सीमित सकारात्मक पहलुओं की भी सराहना की।।
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