नोएडा में इंडस्ट्री बंद, ग्रेटर नोएडा खुलेगा” — वेतन विवाद पर उद्योग संगठनों का बड़ा बयान
टेन न्यूज नेटवर्क
NOIDA News (13 अप्रैल 2026): जनपद गौतम बुद्ध नगर में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे कर्मचारियों के प्रदर्शन ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया। नोएडा के सेक्टर-84 में पिछले तीन दिनों से जारी धरना प्रदर्शन हिंसक हो गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।
औद्योगिक असामंजस्य की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने और श्रमिकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने और श्रमिकों तथा उद्योग प्रबंधन के बीच संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस बीच, नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (NEA) के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने कहा, “परिस्थिति को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर कल भी फैक्ट्रियों को बंद रखा जाएगा। यह दुखद घटना है और हम प्रशासन के साथ पूरा समन्वय बनाकर चल रहे हैं।”

नोएडा अप्रैल एक्सपोर्ट क्लस्टर (NAEC) के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने कहा, “यह घटना बहुत दुखद है। 20 फरवरी 2013 को जो घटना हुई, वह प्री-प्लान्ड और साजिश के तहत लगती है। लेकिन यह स्थिति हरियाणा सरकार द्वारा मिनिमम वेज 20,000 करने की भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई, जिससे नोएडा के श्रमिकों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हुई।”

एसोसिएशन ऑफ ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आदित्य घिल्डियाल ने बताया, “जहां तक ग्रेटर नोएडा का सवाल है, तीन कंपनियों में असमंजस की स्थिति थी, जिनसे बातचीत कर मामला सुलझा लिया गया है। कल ग्रेटर नोएडा की सभी इंडस्ट्रीज खुलेंगी। हालांकि नोएडा क्षेत्र संवेदनशील है, इसलिए वहां उद्योग बंद रहेंगे। उच्चस्तरीय समिति क्षेत्र में मौजूद रहेगी। कल अंबेडकर जयंती भी है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और श्रमिकों की समस्याओं पर मंथन किया जा रहा है।”

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने कहा, “आज प्रशासनिक विफलता रही। 2013 जैसी स्थिति दोहराई गई। पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण हालात बिगड़े।”

इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने कहा, “लेबर की मांग को शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जा सकता था, लेकिन यह गलत कदम रहा। इस मामले पर गहन मंथन की आवश्यकता है। प्रशासन को बेहतर समन्वय बनाना चाहिए। फिलहाल भय का माहौल है, हालांकि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से संभाला है।”
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
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