गलगोटियास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय ई-बाइक चैलेंज का प्रारंभ, ग्रीन मोबिलिटी पर फोकस
ग्रेटर नोएडा, 4 अप्रैल 2026: गलगोटियास विश्वविद्यालय में 3 से 7 अप्रैल 2026 तक आयोजित हो रहे ई-बाइक चैलेंज के 9वें संस्करण की शुरुआत हो गई है। यह प्रतियोगिता देशभर के इंजीनियरिंग छात्रों और नवाचारकर्ताओं को एक मंच प्रदान करता है।
गलगोटियास विश्वविद्यालय और इम्पीरियल सोसाइटी ऑफ इनोवेटिव इंजीनियर्स द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और गोवा से 350 से अधिक प्रतिभागी और 23 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
प्रतियोगिता में हाई-परफॉर्मेंस गो-कार्ट, ई-बाइक, सोलर वाहनों तथा दो-पहिया और चार-पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी विभिन्न ग्रीन-एनर्जी श्रेणियां शामिल हैं। प्रतिभागियों को ऊर्जा दक्षता, नवाचार और वास्तविक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए कार्यशील प्रोटोटाइप डिजाइन, विकसित और परीक्षण करने का अवसर मिल रहा है।
यह चैलेंज युवा इंजीनियरों को अपनी तकनीकी क्षमता, रचनात्मकता और समस्या-समाधान कौशल प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करता है, साथ ही ऊर्जा और मोबिलिटी से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर भी देता है।
इस अवसर पर आईएसआईइण्डिया के संस्थापक एवं अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों के समाधान में उद्योग-समर्थित छात्र नवाचार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य को देखते हुये गलगोटियास विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा, “खाड़ी क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन स्थिरता प्रभावित हो रही है। ऐसे समय में सतत और आत्मनिर्भर मोबिलिटी समाधान की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ई-बाइक चैलेंज जैसे मंच युवा नवाचारकर्ताओं को व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम की जा सके और एक मजबूत एवं टिकाऊ भविष्य का निर्माण हो सके।”
उद्घाटन सत्र में प्रमुख अतिथियों के रूप में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक सुशील कुमार अग्रवाल, ऑटोमोबाइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजीव ई, एनेक्सियन ट्रांसफॉर्मेशन के सीईओ डॉ. अजय श्रीवास्तव और ओमेगा सेकी मोबिलिटी के सीएचआरओ नितिन खिंद्रिया उपस्थित रहे।
यह आयोजन छात्रों को ऊर्जा दक्ष वाहनों के डिजाइन और निर्माण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ ईंधन निर्भरता और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ी चुनौतियों को समझने का अवसर देता है। साथ ही, यह अकादमिक शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रतिभागियों द्वारा अपने वाहनों का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण किए जाने के साथ यह आयोजन स्वच्छ ऊर्जा नवाचार पर बढ़ते फोकस और भारत को सतत परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करता है।
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