शहरी क्षेत्रों में बाढ़ के 24 घंटे पहले अलर्ट देगा Google का नया AI मॉडल
टेन न्यूज नेटवर्क
National News (15/03/2026): टेक कंपनी Google ने शहरी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का पहले से अनुमान लगाने के लिए एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल पेश किया है। यह मॉडल संभावित बाढ़ की घटना से करीब 24 घंटे पहले तक चेतावनी देने में सक्षम होगा, जिससे शहरों में आपदा प्रबंधन की तैयारी को बेहतर बनाया जा सकेगा।
कंपनी के सीईओ Sundar Pichai ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस नई तकनीक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मॉडल को इस तरह प्रशिक्षित किया गया है कि यह बाढ़ के जोखिम की पहले पहचान कर सके और लोगों व प्रशासन को प्रतिक्रिया देने के लिए अधिक समय मिल सके।
इस AI मॉडल द्वारा तैयार किए गए पूर्वानुमान अब Google Flood Hub पर उपलब्ध हैं। यह प्लेटफॉर्म दुनिया भर में बाढ़ के जोखिम से जुड़ा डेटा मुफ्त में उपलब्ध कराता है, जिसे आम लोग, सरकारें और आपदा राहत एजेंसियां देख सकती हैं।
दरअसल, नदी में आने वाली बाढ़ का अनुमान कई बार जल-स्तर मापने वाले उपकरणों की मदद से कई दिनों पहले लगाया जा सकता है। लेकिन घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में अचानक आने वाली फ्लैश फ्लड बहुत तेजी से और अप्रत्याशित रूप से आती है, जिससे समय रहते चेतावनी देना मुश्किल हो जाता है।
इस समस्या को दूर करने के लिए Google के शोधकर्ताओं ने “ग्राउंडसोर्स” नामक एक नई AI पद्धति विकसित की है। यह सिस्टम कंपनी के बड़े भाषा मॉडल Gemini का उपयोग करता है, जो बड़ी मात्रा में असंगठित डेटा जैसे समाचार रिपोर्ट और सार्वजनिक रिकॉर्ड का विश्लेषण करता है।
इस प्रक्रिया के तहत सिस्टम ने कई भाषाओं में प्रकाशित लाखों खबरों और दस्तावेजों को स्कैन किया। इसके जरिए 150 से अधिक देशों में 26 लाख से ज्यादा ऐतिहासिक बाढ़ घटनाओं की पहचान की गई, जिससे शहरी फ्लैश फ्लड से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा डेटा सेट तैयार हुआ।
इसके बाद इस डेटा का उपयोग एक मशीन लर्निंग मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए किया गया। यह मॉडल वैश्विक मौसम पूर्वानुमान और ऐतिहासिक बाढ़ पैटर्न को मिलाकर किसी स्थान पर अगले 24 घंटों के भीतर फ्लैश फ्लड आने की संभावना का अनुमान लगाता है।
यह AI आधारित पूर्वानुमान अब Flood Hub प्लेटफॉर्म में शामिल कर दिए गए हैं, जहां सरकारें, आपदा राहत एजेंसियां और आम नागरिक अपने क्षेत्र में संभावित बाढ़ जोखिम की जानकारी देख सकते हैं।
यह मॉडल लगभग 20 गुणा 20 किलोमीटर के ग्रिड क्षेत्रों के आधार पर जोखिम वाले इलाकों की पहचान करता है। इससे प्रशासन को पहले से निकासी योजना और आपातकालीन प्रबंधन की तैयारी करने में मदद मिल सकती है।
कंपनी ने यह भी घोषणा की है कि वह ग्राउंडसोर्स डेटा सेट को ओपन-सोर्स कर रही है, ताकि शोधकर्ता, नीति-निर्माता और आपदा प्रबंधन से जुड़े संगठन इस डेटा का उपयोग बाढ़ पूर्वानुमान और जलवायु जोखिम के अध्ययन को बेहतर बनाने के लिए कर सकें।
डिस्क्लेमर: यह लेख / न्यूज आर्टिकल सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी और प्रतिष्ठित / विश्वस्त मीडिया स्रोतों से मिली जानकारी पर आधारित है।यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। पाठक कृपया स्वयं इस की जांच कर सूचनाओं का उपयोग करे ॥
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