Nikki Murder Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट से ससुर सतवीर को मिली जमानत

टेन न्यूज नेटवर्क

GREATER NOIDA News (30/01/2026): सिरसा गांव में विवाहिता निक्की भाटी को जलाकर मारने के बहुचर्चित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश पारित करते हुए मृतका के ससुर सतवीर को जमानत दे दी है। इस फैसले को मामले की कानूनी दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता एडवोकेट अमित भाटी बोडाकी ने जमानत मंजूर होने की पुष्टि की है।

हाईकोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों, केस डायरी और अभियोजन पक्ष की दलीलों का अवलोकन करने के बाद सतवीर को राहत दी है। उनके अधिवक्ता का कहना है कि जल्द ही शेष अभियुक्तों की ओर से भी जमानत याचिकाएं दाखिल की जाएंगी और ट्रायल के दौरान तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के निर्दोष होने को साबित किया जाएगा।

हालांकि इस हत्याकांड में मृतका की सास दया और पति विपिन फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पति विपिन को पुलिस ने घटना के दो दिन बाद 23 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर कथित रूप से थिनर की बोतल बरामद होने का दावा पुलिस ने किया था।

यह मामला कासना कोतवाली में 22 अगस्त 2025 को दर्ज किया गया था। मृतका की बहन कंचन की तहरीर पर एफआईआर में आरोप लगाया गया कि 21 अगस्त की शाम निक्की के पति विपिन, सास दया, ससुर सतवीर और जेठ रोहित ने मिलकर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसने के बाद इलाज के दौरान निक्की की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और सनसनी फैल गई थी।

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस के सामने कई विरोधाभासी तथ्य सामने आए। अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने अपने बयानों में कहा कि निक्की ने उन्हें बताया था कि वह गैस सिलेंडर फटने की वजह से झुलसी है। यह बयान बाद में दर्ज कराई गई एफआईआर के आरोपों से अलग था। इसके बावजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामले को हत्या की धारा में दर्ज कर लिया और सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पहले जेठ रोहित और ससुर सतवीर की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हालांकि बाद में रोहित को उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी थी। अब सतवीर को भी हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद आरोपी पक्ष को बड़ी कानूनी सफलता मिली है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह आदेश ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष की रणनीति को मजबूती देगा। वहीं अभियोजन पक्ष के सामने यह चुनौती रहेगी कि वह शुरुआती मेडिकल बयानों और बाद के आरोपों के बीच के अंतर को अदालत में किस तरह स्पष्ट करता है।

यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद और दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से जुड़ा है, बल्कि जांच की दिशा, साक्ष्यों की विश्वसनीयता और गवाहों के बयानों को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है। आने वाले समय में अदालत की कार्यवाही इस सनसनीखेज हत्याकांड की असली तस्वीर सामने लाने में निर्णायक साबित होगी।।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।