National News (21/01/2026): भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल और भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार रोहित शर्मा की सफलता जितनी बड़ी है, उनकी संघर्ष यात्रा उतनी ही प्रेरणादायक रही है। आज दुनिया उन्हें ‘हिटमैन’ के नाम से जानती है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था।
रोहित शर्मा का जन्म 30 अप्रैल 1987 को नागपुर में हुआ। उनके पिता एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में स्टोरकीपर थे और सीमित आय के कारण परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आर्थिक तंगी के चलते रोहित को बचपन में ही अपने माता-पिता से दूर मुंबई के बोरीवली में दादा-दादी और चाचा के साथ रहना पड़ा। यही वह दौर था, जिसने उनके जीवन की नींव मजबूत की।
क्रिकेट में रोहित की शुरुआत एक बल्लेबाज के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऑफ-स्पिन गेंदबाज के रूप में हुई थी। उनके भीतर छिपी बल्लेबाजी की प्रतिभा को उनके कोच दिनेश लाड ने पहचाना। हालात इतने मुश्किल थे कि रोहित के पास स्कूल की ₹275 की फीस भरने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे समय में कोच ने न सिर्फ उनकी फीस माफ करवाई, बल्कि स्कॉलरशिप भी दिलवाई, जिसने रोहित का भविष्य बदल दिया।
एक अभ्यास सत्र के दौरान कोच ने रोहित की बल्लेबाजी पर ध्यान दिया और उन्हें ओपनिंग करने का मौका दिया। अपने पहले ही मैच में 140 रन की पारी ने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक असाधारण बल्लेबाज मिलने वाला है। इसके बाद रोहित ने खुद को पूरी तरह बल्लेबाजी के लिए समर्पित कर दिया।
हालांकि, उनका सफर हमेशा आसान नहीं रहा। 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के चयन से बाहर रहना रोहित के करियर का सबसे निराशाजनक पल था। यह झटका उन्हें तोड़ सकता था, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। इसी दौर के बाद उन्होंने खुद को मानसिक और तकनीकी रूप से मजबूत किया।
2013 में उनका करियर उस वक्त नई दिशा में मुड़ गया, जब महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारा। यह फैसला भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे सफल प्रयोगों में से एक साबित हुआ। उसी साल रोहित ने अपना पहला दोहरा शतक लगाया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
रोहित शर्मा आज वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं। 264 रनों की उनकी ऐतिहासिक पारी आज भी वनडे क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।
2023 वर्ल्ड कप फाइनल की हार के बाद आलोचनाओं का सामना करने वाले रोहित ने 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में अपनी कप्तानी में भारत को चैंपियन बनाकर करारा जवाब दिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद उन्होंने टी20 क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने करियर का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त किया।
मैदान पर आक्रामक नजर आने वाले रोहित शर्मा निजी जीवन में बेहद शांत स्वभाव के हैं। साथी खिलाड़ी अक्सर मजाक में कहते हैं कि वे अपना फोन, वॉलेट या आईपैड कहीं भी भूल सकते हैं।
बोरीवली की चॉल से निकलकर ₹275 की फीस के लिए संघर्ष करने वाला यह लड़का आज करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है। रोहित शर्मा की कहानी यह सिखाती है कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर मेहनत, धैर्य और सही मार्गदर्शन मिले तो सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है।
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