Nikki Murder Case: हाईकोर्ट का अहम फैसला, आरोपी जेठ रोहित को जमानत

टेन न्यूज नेटवर्क

GREATER NOIDA News (08/01/2026): सिरसा गांव में युवती निक्की भाटी को जिंदा जलाकर हत्या किए जाने के चर्चित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। हाईकोर्ट की एकलपीठ न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने मृतका के जेठ रोहित भाटी को जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वर्तमान चरण में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य आरोपी की सीधी भूमिका को निर्णायक रूप से स्थापित नहीं करते, ऐसे में जमानत देना न्यायसंगत है।

यह मामला 22 अगस्त 2025 को कासना कोतवाली में दर्ज किया गया था। एफआईआर मृतका की बहन कंचन की ओर से कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 21 अगस्त की शाम निक्की भाटी के पति विपिन, सास दया, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित ने मिलकर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी निक्की ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और सनसनी फैला दी थी।

पुलिस विवेचना के दौरान मामले में एक अहम मोड़ सामने आया। अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने अपने बयान में बताया कि निक्की ने उन्हें कहा था कि वह गैस सिलेंडर फटने से झुलसी है। हालांकि, बाद में परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी पति विपिन को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया था, जिसकी निशानदेही पर थिनर की बोतल भी बरामद की गई थी। इसके बाद सास दया, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

मामले में सत्र न्यायालय ने पहले जेठ रोहित और ससुर सत्यवीर की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद रोहित ने हाईकोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि रोहित का घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और उसे केवल पारिवारिक रिश्तों के कारण नामजद किया गया है।

बचाव पक्ष ने यह भी अदालत को बताया कि मृतका के बेटे का बयान बाद में दर्ज हुआ, जिसमें उसने साफ कहा कि घटना के समय रोहित मौके पर मौजूद नहीं था। वकीलों का तर्क था कि अभियोजन के पास रोहित के खिलाफ कोई ठोस और प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है।

आरोपियों के अधिवक्ता एवं गौतमबुद्ध नगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी तथा अमित भाटी बोड़ाकी के अनुसार गुरुवार को सत्र अदालत में जमानती दाखिल कर अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। प्रक्रिया पूरी होने पर शनिवार तक रोहित की जेल से रिहाई संभव है। सूत्रों के अनुसार ससुर सत्यवीर को भी जल्द हाईकोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, मृतका निक्की भाटी के परिजनों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता उधम सिंह तोंगड़ ने हाईकोर्ट के फैसले पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि रोहित को मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। उनके अनुसार, सास दया की जमानत याचिका पर 14 जनवरी को सत्र अदालत में सुनवाई प्रस्तावित है, जबकि पति विपिन की ओर से अभी जमानत अर्जी दाखिल नहीं की गई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे सभी आरोपियों की जमानत का कड़ा विरोध करेंगे और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।


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