नई दिल्ली (27 जून 2025): नई दिल्ली में आज (27 जून, शुक्रवार) को संयुक्त दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्थायी समिति की पहली बैठक आयोजित की जा रही है। ढाई साल के लंबे अंतराल के बाद हो रही इस महत्वपूर्ण बैठक में निगम की 150 से अधिक ऐसी परियोजनाओं को मंजूरी दी जा सकती है जो वर्षों से लंबित पड़ी थीं। बैठक की अध्यक्षता समिति की अध्यक्षा सत्या शर्मा करेंगी, जबकि महापौर राजा इकबाल सिंह (Raja Iqbal Singh) भी मौजूद रहेंगे। 2022 के बाद अब जाकर स्थायी समिति का गठन हो पाया है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासनिक कामकाज की गति फिर से तेज होगी।
स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्या शर्मा ने बताया कि यह बैठक प्रशासनिक दृष्टि से बेहद अहम है क्योंकि इसमें कई बुनियादी सेवाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सफाई, स्वास्थ्य और शहरी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कई परियोजनाएं वर्षों से मंजूरी की प्रतीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रस्ताव पहले से तैयार थे लेकिन समिति की गैर-मौजूदगी के कारण स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। अब इन सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पास किया जाएगा ताकि आम जनता को जल्द लाभ मिल सके।
बैठक में विशेष रूप से दिल्ली के चर्चित “भारत दर्शन पार्क” में 188 कारों की क्षमता वाली मल्टीलेवल कार पार्किंग के प्रस्ताव को रखा जाएगा। यह पार्क पंजाबी बाग में निगम के कचरे से बनी ऐतिहासिक इमारतों की प्रतिकृतियों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन पर्यटकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से समस्याएं होती थीं। इस पार्किंग के बन जाने से न केवल लोगों को सुविधा मिलेगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह परियोजना शहरी सौंदर्यीकरण की दिशा में भी बड़ा कदम होगी।
बैठक में नरेला-बवाना क्षेत्र में 15 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। इस परियोजना की लागत करीब 604 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसके 2026 तक पूरा होने की संभावना है। प्लांट में प्रतिदिन 3,000 मीट्रिक टन कचरा संसाधित किया जाएगा, जिससे 40 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। यह योजना न केवल कचरा प्रबंधन में मददगार होगी, बल्कि पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी दिल्ली के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
इस बार की बैठक में खास बात यह भी है कि अब 50 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को भी समिति से मंजूरी मिल सकेगी, जबकि पहले केवल 5 करोड़ रुपये तक के प्रस्ताव ही पास किए जाते थे। ऐसे में 50 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक के कई प्रोजेक्ट, जो वर्षों से अटके हुए थे, अब मंजूरी की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इससे निगम के ढांचागत विकास को गति मिलेगी और कई क्षेत्रों में अधूरी पड़ी योजनाएं आगे बढ़ सकेंगी।
अन्य प्रस्तावों में तिमारपुर स्थित बालक राम अस्पताल में 200 बेड के नए वार्ड का निर्माण, वजीराबाद गांव में एक नए स्कूल की स्थापना, संगम विहार में नाले का निर्माण और विभिन्न जोनों में एलईडी स्ट्रीट लाइट्स का रखरखाव शामिल है। इसके अलावा निगम और IGI एयरपोर्ट के बीच विज्ञापन राजस्व साझा करने को लेकर एमओयू, डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति, शाहबाद डेयरी क्षेत्र की लेआउट योजना में बदलाव जैसे प्रशासनिक सुधार भी एजेंडे में शामिल हैं। ऐसे में यह बैठक दिल्ली के शहरी विकास में एक नया अध्याय खोल सकती है।।
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